Monday, June 01, 2020 01:21 AM

कोरोना के तीन केस ने उलझाया मंडी

मरीजों के संक्रमण की चपेट में आने की वजह बिलकुल अलग, नहीं रही है कोई ट्रैवल हिस्ट्री

मंडी - मंडी जिला में बुधवार शाम को सामने आए चार में से तीन कोरोना पॉजिटिव मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को भी उलझा कर रखा दिया है। अब तक यही माना जा रहा था कि जो व्यक्ति प्रदेश के बाहर या सूबे के ही अन्य संवेदनशील जिलों से आ रहे हैं, उनकी कोरोना पाजिटिव होने की संभावनाएं हैं, लेकिन मंडी के तीन कोरोना पाजिटिव ने इस भ्रम को तोड़ दिया है। चार मामलों से अगर थुनाग के थाची गांव की ऊना से परिवार सहित आई युवती को छोड़ दिया जाए तो मंडी सदर सेहली गांव, बल्ह के रत्ती वार्ड और थुनाग के शिलीबागी के पाजिटिव मिले व्यक्ति पिछले लंबे अरसे से अपने जिला से बाहर नहीं गए हैं और ग्रामीण क्षेत्र में रहने के बाद भी यह लोग पॉजिटिव हो गए। हालांकि रत्ती की पॉजिटिव महिला बीमार होने की वजह से पहले ही एक निजी अस्पताल में भर्ती है और दोनों अन्य पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति भी मंडी अस्पताल में बीमार होने के बाद स्वास्थ्य जांच के लिए आए थे और कोरोना टेस्ट में पाजिटिव मिले। यही वजह है कि इन तीन मामलों ने कई सवाल खडे़ कर दिए हैं। ये लोग कहां और किस माध्यम से कोरोना संक्रमण की जद में आए, यह अब चिंता का विषय बन गया है। वहीं चारों मामलों में फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने इनके प्राथमिक संपर्क में आए 47 लोगों की सूची तैयार कर ली है। जिसमें दादा दादी, भाई बहन, चचेरे भाई बहन, चाचा चाची और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। कई लोगों ने कोरोना पाजिटिव से लिफ्ट भी ली। इन सभी के सेंपल जांच को ले लिए हैं। इनके सेकेंडरी संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है, जो कि सैकड़ों में हो सकते हैं। प्राथमिक संपर्क में आए व्यक्तियों में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही निजी अस्पताल का स्टाफ भी शामिल है। इन सभी लोगों को क्वारंटाइन भी कर दिया गया है। उपायुक्त मंडी ऋग्देव ठाकुर ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में घोषित कंटेनमेंट जोन में प्रशासन की टीमें एक्टिव सर्विलांस में जुट गई हैं। गांव, पंचायत, वार्ड स्तर पर ये टीमें पहले ही घोषित की गई हैं। ये टीमें इन क्षेत्रों में घर-घर जाकर सभी से पूछेंगी कि जो व्यक्ति पॉजिटिव आया है, उसके साथ किसी का पिछले 15 दिनों में कोई संपर्क तो नहीं रहा। इस दौरान यदि किसी व्यक्ति में संक्रमण के कोई लक्षण पाए जाते हैं, तो उनका सैंपल लिया जाएगा।

ये है टे्रबल हिस्ट्री

सदर के थनोट सेहली गांव का व्यक्ति नाक में फिंसी व बुखार के बाद 15 मई को सीएचसी गोखड़ा गया और उसके बाद 19 मई को अपने बेटे के साथ मंडी अस्पताल आया। यहां अपनी बेटी और दामाद से उसकी दुकान पर भी मिला। इससे पहले यह व्यक्ति लॉकडाउन में कहीं नहीं गया था। बल्ह के रत्ती की मरीज किडनी रोग से पीडि़त है और 16 मई से आस्था अस्पताल में भर्ती थी। 12 मई को उसका सुंदरनगर में डायलिसिस भी हुआ। महिला लंबे समय से जिला से बाहर नहीं गई है। थुनाग के थाची गांव की युवती होशियारपुर से 18 मार्च को ऊना में अपने परिवार के पास आई। पिता ऊना में सरकारी सेवा में हैं। इसके बाद पूरा परिवार सात मई को अपने गांव आया और तब से सब होम क्वारंटाइन में हैं। 18 मई को बीमार होने पर सैंपल लिया गया। वहीं सराज चलेड़ गांव का युवक मनाली में काम करता था और 14 अपै्रल को टैक्सी से अन्य तीन लोगों के साथ अपने घर आ गया था। 14 दिन के होम क्वारंटाइन के बाद यह युवक सबसे मिलता रहा। बीमार होने पर 19 मई को मंडी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा और सैंपल लिया गया।