Tuesday, March 31, 2020 01:52 PM

कोरोना महामारी, हिमाचल की भी पूरी तैयारी

आइसोलेशन वार्ड में बदला धर्मशाला अस्पताल

धर्मशाला - क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला को 160 बेड के आइसोलेशन वार्ड के रूप में तबदील कर दिया गया है। वहीं, अस्पताल के सभी मरीज व एमर्जेंसी सेवाएं आई मोबाइल यूनिट में बदल दी गई हैं। वहां से ये सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जाएंगी। ऐसे में अब आपात स्थिति में भी मरीजों को परेशान नहीं होना होगा। उनके लिए धर्मशाला अस्पताल के कैंपस में ही अलग से सभी प्रकार की ट्रीटमेंट दी जाएंगी। इसी के चलते एडमिट मरीजों को भी अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।  जोनल अस्पताल धर्मशाला की एमर्जेंसी सवाओं के लिए आपातकालीन कक्ष को परिसर की ही मोबाइल आई यूनिट के भवन में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल को आइसोलेशन वार्ड में तबदील कर दिया गया है। अब कोरोना के अलावा अन्य सभी प्रकार की एमर्जेंसी में कोई भी मरीज अस्पताल के मुख्य भवन में न आकर कैंपस में ही दूसरी तरफ दूर बने आई यूनिट में शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि आपातकाल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को कोरोना से संबंधित किसी भी स्तर के मरीज से उन्हें अलग रखा जा सके। प्रशासन ने कोरोना से निपटने के लिए पूरे क्षेत्रीय चिकित्सालय को आइसोलेटेशन वार्ड में तबदील कर दिया है। गौर हो कि जोनल अस्पताल धर्मशाला में मौजूदा समय में 300 बेड मंजूर हैं। फिलहाल 215 बिस्तर अस्पताल में मौजूद हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 215 में से 160 बिस्तर आइसोलेटेड वार्ड में रखवा दिए हैं। वर्तमान समय में कोरोना संदिग्ध चार लोगों को क्षेत्रीय चिकित्सालय आइसोलेशन में रखा गया है। उधर, जोनल अस्पताल धर्मशाला के चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश महाजन ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन कक्ष की सेवाओं को आई यूनिट में शिप्ट किया गया है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया है। पूरे क्षेत्रीय चिकित्सालय को आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है। अगर जरूरत पड़ी तो यहां बिस्तरों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चार मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है। लोगों से आह्वान है कि कम से कम घरों से निकलें।

नेरचौक के सभी 10 संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव

मंडी - कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच मंडी जिला के लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नेरचौक से एक राहत भरी खबर आई है। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखे सभी 10 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण की रिपोर्ट नेगेटिव है।नेरचौक अस्पताल के एमएस डा. देवेंद्र शर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में रखे 10 लोगों में से आठ को बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। न्य दो की रिपोर्ट बुधवार शाम को ही प्राप्त हुई है, उन्हें गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डा. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि इस तरह अभी नेरचौक अस्पताल में कोरोना संदिग्ध का एक भी मामला नहीं है। वहीं, एडीएम श्रवण मांटा ने बताया कि टांडा अस्पताल में भर्ती लड़भड़ोल क्षेत्र के व्यक्ति की रिपोर्ट भी कोरोना नेगेटिव आई है। मंडी जिला में विदेशों से लौटे 453 लोगों और बाहरी राज्यों से आए चार हजार लोगों को होम क्वारेनटाइन में रखा गया है।

कांगड़ा के नौ संदिग्धों में किसी को कोरोना नहीं

धर्मशाला - जिला कांगड़ा से शुभ नवरात्र के पहले दिन शुभ खबर निकलकर आई है। कांगड़ा में कोरोना संदिग्ध नौ लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। हालांकि प्रदेश में तीन मामले पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें एक तिब्बती नागरिक की मृत्यु भी हो चुकी है। वहीं वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग ने दो कोरोना पॉजिटिव के अलावा 20 संदिग्ध लोगों को आइसोलेशन में रखा है। इनमें छेब में 10, धर्मशाला में चार व कांगड़ा के निजी अस्पताल में छह लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। हालांकि निजी अस्पताल के लोगों को धर्मशाला में शिफ्ट किए जाने की भी बात की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि विभाग और सरकार कोरोना वायरस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में 10 लोग छेब, कांगड़ा में छह क्वारेनटाइन किए हुए हैं तथा चार लोग धर्मशाला में आइसोलेशन पर रखे हुए है।

शिमला में घूमते रहे विदेशी

शिमला - इंग्लैंड से 15 मार्च को शिमला लौटे कपल के खुले में घूमने से हड़कंप मच गया है। सीएम के सरकारी आवास ओकओवर के समीप यह दंपति निजी आवास में रुके हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस दंपत्ति के खिलाफ एसपी शिमला को शिकायत सौंप कर केस दर्ज करने को कहा है। बताया जा रहा है कि विदेशी महिला पेशे से डाक्टर है और लंबे समय से शिमला में उसका आना-जाना है। आरोप है कि पोर्टमोर के समीप निजी मकान में रह रही यह विदेशी महिला 15 मार्च को इंग्लैंड से वापस लौटी थी। तब से लेकर वह जगह-जगह घूम रही है। एसपी शिमला ओमापति जम्वाल ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने विदेशी महिला के खिलाफ ऐसी शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि महिला ने विदेश से आने की सूचना छुपाई है और वह खुले में घूम रही है। शिकायत में कहा गया है कि पिछले दस दिनों से विदेशी महिला का अपने जान-पहचान वालों के बीच आना जाना हुआ है। इस शिकायत प के बाद शिमला में हड़कंप मच गया और विदेशी महिला को होम क्वारेनटाइन कर दिया गया है।

गगल में मिस्त्री के भी सैंपल लिए

गगल - कोरोना वायरस के चलते जहां पूरे देश में लॉकडाउन है, वहीं गगल में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा गगल में कोरोना संदिग्ध होने के चलते एक व्यक्ति के खून के सैंपल लिए गए। बताया जा रहा है कि वीर सिंह उर्फ राजू (42) पुत्र छोटू राम निवासी वार्ड नंबर-5 गगल, जो पेशे से मिस्त्री का काम करता है, वह भी कुछ समय पहले  शाहपुर से कोरोना संक्रमित महिला के घर पर काम करने गया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी से बात नहीं हो पाई व गगल थाना प्रभारी ने भी इस बारे अनभिज्ञता जताई है।