Friday, August 14, 2020 01:43 PM

कोरोना से कैसे बचें, यहां बता रहा रेडियो

केलांग - जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में कोरोना वायरस के खतरे को ध्यान में रख प्रदेश सरकार ने जहां प्रशासन को एहतियात वरतने के विशेष निर्देश दिए हैं, वहीं लाहुल-स्पीति में राज्य के अन्य जिलों की तुलना में हालात कुछ अलग हैं। यहां पर अधिकतर सड़कें, जहां बंद पड़ी हुई हैं, वहीं लाहुल के गांवों तक सेनेटाइजर व मास्क पहुंचाना भी प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। यही नहीं लाहुल के ग्रामीणों को कोरोना वायरस की सही जानकारी देने व इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासन रेडियो में प्रसारित होने वाली अकाशवाणी के माध्यम से संदेश भेज रहा है। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि लाहुल में प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में हालात कुछ अलग हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम खराब चल रहा है और हल्की बर्फबारी रुक-रुक कर हो रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे में लाहुल के अधिकतर गांवों का संपर्क जहां जिला मुख्यालय से कटा हुआ है, वहीं ग्रामीणों को कोरोना वायरस की सही जानकारी देने व उन्हें इसके प्रति जागक करने के लिए लाहुल-स्पीति प्रशासन ने रेडियो का सहारा लिया है। उन्होंने बताया कि, जहां तक संभव हो पा रहा है, वहां तक प्रशासन द्वारा गठित की गई विशेष टीमें पहुंच रही हैं और ग्रामीणों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने ग्रामीणों से यह अपील भी की है कि कर्फ्यू के दौरान लोग घरों से वाहर न निकलें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि इस फेहरिस्त में प्रशासन को स्थानीय महिला मंडलों व युवक मंडलों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि लाहुल-स्पीति में अभी तक कोरोना वायरस से संबंधित एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन ट्रैवल हिस्ट्री के अधार पर स्पीति में तीन लोगों को जरूर होम क्वारंटाइन पर रखा गया है, जिन पर पुलिस प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है। यहां बता दें कि लाहुल-स्पीति में कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए सबसे बड़ी बढ़ी चुनौती प्रशासन के लिए यहां का खराब मौसम बना हुआ है। घाटी के अधिकतर क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है, वहीं प्रदेश सरकार द्वारा लाहुल के लिए भेजी गई सेनेटाइजर व मास्क की खेप भी बीच रास्ते में ही फंस गई है। यहां बर्फबारी के बीच तांदी के समीप गिरे ग्लेशियर से केलांग-कोकसर मार्ग पर गाडि़यों की आवाजाही पूरी तरह पांच दिनों से ठप है।