Tuesday, March 31, 2020 08:15 PM

कोल्ड अटैक से किन्नौर हुआ सुन्न

सुबह-शाम पड़ रही जोरदार ठंड से जिला भर में जनजीवन पर बुरा असर

रिकांगपिओ  - भले ही प्रदेश का सीमावर्ती जिला किन्नौर में  कुछ दिनों से मौसम साफ  है बाबजूद इस के शाम सुबह कोल्ड अटैक जारी है। इन दिनों  किन्नौर के कई मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जारी शीतलहरों के कारण अधिकतम तापमान भी माइनस में दर्ज किया जा रहा है। किन्नौर में चल रहे शीतलहरों के कारण प्राकृतिक चश्मे तक बर्फ की सिल्लियों में तब्दील हो रहे है। इन दिनों जगह जगह पर बर्फ  की सिल्लियां देखी जा रही है। बर्फीली हवाओं के चलते शाम सुबह लोगों को घरों से बाहर निकलना तक दुभर हो रहा है। हड्डी जमा देने वाली ठंड को देख लोग अनावश्यक घरों से बाहर निकलने से बच रहे है। किन्नौर में 11893 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक नाको झील भी पूरी तरह जम गई है। स्थानीय युवा झील के ऊपर आइसकेटिंग खेलने के साथ साथ पशुओं को झील के ऊपर से गुजर रहे है। इस वर्ष किन्नौर जिला में सर्दियां काफी लंबी रहने से कई पशुपालकों को पशुचारा के लिए भी दिक्कते उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि 1985 में जितनी अधिक ठंड पड़ी थी बैसी ठंड अब देखने को मिल रही है। बता दें कि 28 जनवरी 1985 को कल्पा का तापमान माइनस 15.4 डिग्री दर्ज किया गया था। वही अब 2020 के जनवरी व फरवरी महीने में माइनस 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। यानी कि इस वर्ष किन्नौर में 35 वर्ष पहले वाली ठंड पड़ रही है। आप को यह भी बता दे कि किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र जैसे नाको, चांगो, संधू, शलखर, हांगो, यंगथांग आदि क्षेत्रों में तो इस समय न्यूनतम तापमान माइनस 20 डिग्री के आस पास दर्ज किया जा रहा है। सही शब्दो मे कहे तो किन्नौर का ऊपरी क्षेत्र  इन दिनों कोल्ड वॉर से गुजर रहा है। इन क्षेत्रों में सभी प्रकार के तेल पदार्थ जम रहे है। यहां तक कि तेल प्याज से लेकर अंडे तक जम गए है। किन्नौर में इन दिनों चल रही अत्यधिक  ठंड से जहा आम आदनी बेहाल नजर आ रहा है वही इसे आगामी सेब की अच्छी पैदावार के लिए गुणकारी भी माना जा रहा है।