Monday, June 01, 2020 01:11 AM

कोविड मरीजों के बाथरूम का पानी जा रहा था कूहल में

चामुंडा - बाहरी राज्यों से आने वाले प्रदेश के व्यक्तियों को जिला प्रशासन ने जहां अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है, वहीं कोविड-19 मरीजों को रखने के लिए अलग-अलग स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से डाढ़ की जालंधर धर्मशाला में कोविड-19  24 मरीजों को रखने का प्रबंध किया गया है। गुरुवार को डीसी राकेश प्रजापति, एसपी विमुक्ति रंजन व  पालमपुर के उपमंडल अधिकारी धर्मेश रामोत्रा ने डाढ में स्थित धर्मशालाओं व होटलों का जायजा लिया। वही, इसकी सूचना मिलने पर उपप्रधान ओंकार चंद, ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष रमेश चौधरी, राजकुमार शर्मा, सुभाष चंद, ओमप्रकाश व रमेश चांद आदि मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने एसडीएम धर्मेश रामोत्रा को बताया कि आपने यहां 24 पॉजिटिव मरीजों को रहने की व्यवस्था तो की है, परंतु जो कि इनके बाथरूम का पानी है, वह सीधा टैंक में न जाकर कूहल में जाता है। उनका मानना है कि जालंधर धर्मशाला रखे जाने वाले मरीजों द्वारा यूज किया पानी नाली द्वारा कूहल में चला जाता है, जिस कारण डाढ़ गांव में महामारी फैलने का अंदेशा है, जिस पर  एसडीएम  धर्मेश  ने कड़ा संज्ञान लेते हुए  धर्मशाला के मैनेजर ओम प्रकाश  से  पूछताछ की  तो उन्होंने माना कि  यह बाथरूम का पानी तो नाली द्वारा कूहल में जाता है। धर्मेश रामोत्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाथरूम कर पानी पाइप द्वारा सेप्टिक टैंक में डाला जाए।