Monday, August 26, 2019 11:38 AM

क्यारा स्कूल भवन जर्जर हालत में,सरकार नहीं ले रही सुध

ठियोग—ठियोग के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल क्यारा में लगभग 44 साल पहले बने माध्यमिक स्कूल के भवन में पढ़ाई जा रही है! गौरतलब यह है लगभग 46 साल पहले जब यहां पर प्राथमिक स्कूल खोला गया था तो यहां के लोगों ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार से यहां पर मिडिल स्कूल के लिए आवाह्न किया और सरकार ने मिडिल स्कूल जनता के लिए दिया। ताकि बच्चे शिक्षित हो और 2 मंजिल की एक बिल्डिंग बनाई जिसमें चार कमरे और एक हॉल है। बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए यहां की जनता ने प्रदेश सरकार से उच्च स्कूल की मांग की और 1989 में यहां पर सरकार ने उच्च विद्यालयों बना दिया। बता दें कि यहां पर चार पंचायत के बच्चे पढने आते हैं क्यारा, जदूण, सिहल, कोट-शिलारू और चार कमरे की एक बिल्डिंग और तैयार की गई। इसी तरह से उच्च स्कूल में उत्तीर्ण बच्चों को आगे की पढ़ाई की समस्या को देखते हुए यहां के लोगों ने सरकार से गुजारिश की कि यहां पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खोला जाए। जिससे बच्चों का भविष्य सहकार हो। यहां के बच्चों की समस्या देखते हुए सरकार 2004 में यहां पर माध्यमिक स्कूल दे दिया। माध्यमिक स्कूल को खोले लगभग 15 साल हो चुके हैं लेकिन कक्षाओं को बैठने का कोई इंतजाम नहीं है जो 44 साल पहले मिडिल स्कूल के लिए भवन बनाया गया था उसमें प्लस वन और प्लस टू की कक्षाएं बताई जा रही है। बैठने के लिए न ऑफिस है न स्टाफ रूम है और बिल्डिंग की जो स्थिति है वह जर्जर अवस्था में कभी भी गिर सकती है लगभग जो 44 साल पहले बिल्डिंग बनी हो उसकी क्या हालत हो सकती है आप खुद भी समझ सकते हैं। ऐसे में बच्चों को पढ़ाना और खुद बैठना खतरे से खाली नहीं है। यहां के लोगों का कहना है कि हम लगातार सरकार से लगभग 13 साल से यहां के लिए बिल्डिंग की मांग कर रहे हैं। कई बार सीएम और मंत्री को प्रस्ताव दे चुके हैं लेकिन इस पर कोई गौर नहीं कर रहा है। सरकार का कहना है कि इस बिल्डिंग को बजट में डाल दिया है लेकिन अभी तक बजट का प्रभाव प्रावधान नहीं है इसलिए यह बिल्डिंग नहीं बन पा रही है।  अभी तक पीडब्ल्यूडी खाते में शिक्षा विभाग ने सिर्फ 48 लाख  दिए हैं जबकि पीडब्ल्यूडी के खाते में जब तक लगभग 70 से 75 लाख नहीं पडे तब तक काम शुरू नहीं सकता है यह भवन 1.75 करोड़ से बनना है पीडब्ल्यूडी विभाग कहता है कि जब तक शिक्षा विभाग कुल राशि का तीसरा हिस्सा नहीं डालता तब तक काम शुरू नहीं हो सकता है। एसएमसी और ठियोग किसान सभा ने भी इसके लिए कई प्रस्ताव भेजे हैं कि जल्द से जल्द इसमें बजट डाला जाए और कई बार निदेशक से भी मिले हैं लेकिन वहां से भी यही जवाब मिलता है कि हमारे पास बजट का प्रावधान नहीं है इस स्थिति में यहां पर प्लस वन और प्लस टू की कक्षाओं को पढ़ाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है । यहां साथ लगती सड़क है और बरसात में पानी कक्षाओं में अंदर आता है जिससे बच्चों को अंदर बैठना बड़ा मुश्किल हो रहा है। इसी तरह से टीचर की भी यहां पर समस्या है एमएससीए और बीएससी जो सीट लगभग पांच और पांच साल से यहां पर खाली चल रही है जिससे कि बच्चों की पढ़ाई यहां पर प्रभावित हो रही है उनका भविष्य खतरे में है इसी तरह से और भी कई शिक्षक के पद खाली चल रहे हैं। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार जल्द कोई समाधान नहीं करती तो हमें कोई दूसरा रास्ता अपनाना पडे़गा।