Tuesday, October 15, 2019 03:05 PM

क्या तय मानकों से कम लगाया शरद महोत्सव का डोम?

राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव शुरू होने से पहले पंडाल में जताई जा रही धांधली की आशंका

पांवटा साहिब-पांवटा साहिब के यमुना शरद महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा मिलने के बाद पहले आयोजन में महोत्सव शुरू होने से पहले ही कथित धांधली की आशंका जताई जा रही है। यह कथित धांधली सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए नगर परिषद खेल मैदान में लगाए जा रहे डोम यानी वाटर प्रूफ  पंडाल में बताई जा रही है। हालांकि यह आरोप कितने सही है यहां तो एसडीएम स्तर की जांच मंे सामने आ जाएगा, लेकिन फिलहाल इस बारे मंे जानकारी लेने के लिए एसडीएम का मोबाइल नंबर बंद मिला है। जानकारी के मुताबिक समारोह में टैंट व स्टेज आदि की व्यवस्था के लिए दो अलग-अलग निविदाएं निकाली गई, जिसमें पंडाल का साइज भी बदल दिया गया। एक निविदा में पंडाल यानी डोम का साइज 100/180 फीट (कुल 18,000 वर्ग फुट) दिया गया है, जबकि दूसरे में 100/150 फीट (कुल 15,000 वर्ग फुट) दिया गया है। इसमंे स्टेज का साइज अलग से 45/60 फीट है, परंतु फिलहाल मौके पर लगाए गए पंडाल का साइज स्टेज सहित करीब 12,000 वर्ग फीट ही है, जिसमें करीब 6,000 वर्ग फीट पंडाल तय मानकों से कम लगाया बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सोलन के एक टेंट हाउस को यह टेंडर पांच लाख 40 हजार रुपयों में अलॉट किया गया है। अवार्ड़ टेंडर में तय मानकों के अनुसार मौके पर करीब 33 प्रतिशत कार्य कम किया गया है। जानकारों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो ठेकेदार को उसी के हिसाब से ही पेमेंट भी दी जानी चाहिए। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि ठेकेदार की सुविधा के लिए दो अलग-अलग निविदाएं निकाली गई हैं। उसके बाद टेंडर लेने वाले सोलन के टेंट हाउस मालिक ने उत्तराखंड के ऋ षिकेश के एक टेंट हाउस से वाटरपू्रफ  टेंट यानी डोम का यह सारा माल मंगवाया, जिसे विकासनगर हर्बटपुर के एक टेंट हाउस के मजदूर फिट कर रहे हैं। हो सकता है कि इसीलिए ठेकेदार ने सबका खर्चा निकालने को यह रास्ता अपनाया हों, जो जांच का विषय है। जनता ने इस मामले की जांच की मांग की है। उधर इस बारे मे एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा से संपर्क  नहीं हो पाया है।