Tuesday, February 18, 2020 07:26 PM

क्यों नहीं किया सील… सेप्टिक टैंक खुला छोड़ने के सवाल पर सिले होंठ

दौलतपुर चौक अस्पताल में अव्यवस्था का शिकार बनी बच्ची; हादसे का कारण खंगालने के लिए अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य अधिकारी, हास्पिटल प्रबंधन ने दिया मरम्मत कार्य का बहाना

गगरेट - अस्पताल सरकारी था और व्यस्था भी सरकारी। इस पर जमी अव्यवस्था की काई बेशकीमती जिंदगी न छीने तो फिर क्या करे। मामला सरकारी अस्पताल से जुड़ा था इसलिए तथ्य जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी आई और औपचारिकता पूरी करके चली गई, लेकिन उस अभागी मां के सवालों के जवाब शायद किसी के पास नहीं हैं। दलील यह दी जा रही है कि अस्पताल के शौचालय ब्लॉक जाम होने के कारण मरम्मत का कार्य चला था लेकिन इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं कि सुरक्षा इंतजाम पुख्ता क्यों नहीं थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौलतपुर चौक में व्यवस्था का निवाला बनी अढ़ाई वर्षीय परी की दर्दनाक मौत के बाद शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमओएच डा. निखिल शर्मा व खंड चिकित्सा अधिकारी डा. राजीव गर्ग ने दौलतपुर चौक अस्पताल का दौरा कर इस हादसे की वस्तुस्थिति को जानने का प्रयास किया और अस्पताल प्रशासन की तरफ से भी यही दलील दी गई कि शौचालय ब्लॉक जाम होने के कारण इसकी मरम्मत का कार्य चला होने के कारण ही सेप्टिक टैंक का मेन होल खुला रहा, लेकिन शायद ही किसी ने यह जानने का प्रयास किया कि मरम्मत कार्य चला होने के कारण क्या सुरक्षा इंतजाम पूरे किए गए थे। जाहिर है कि अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज व तीमारदार आते हैं। ऐसे में उस स्थान को सील क्यों नहीं किया गया जहां पर मरम्मत कार्य चला हुआ था। इस मामले में अब स्वास्थ्य विभाग भी यह कहते हुए कोई कार्रवाई करने से बचता दिख रहा है कि इस मामले में पुलिस पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। दौलतपुर चौक अस्पताल में यह दर्दनाक हादसा हुआ तो यह अस्पताल नजरों में आ गया, लेकिन जिला के अन्य अस्पतालों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई अस्पतालों में तो सेप्टिक टैंक के मेन चेंबर सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किए गए हैं। कई अस्पतालों में तो महज स्लैब टिका कर ही इन्हें बंद करने की रस्म अदायगी की गई है। अहम बात यह है कि अस्पतालों का शायद ही कभी से टी आडिट भी किया जाता हो। यही वजह है कि दौलतपुर चौक अस्पताल के सेप्टिक टैंक का मेन होल नन्ही परी का ताबूत बन गया। उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी डा. एसके वर्मा का कहना है कि शनिवार को एमओएच डा. निखिल शर्मा व खंड चिकित्सा अधिकारी अंब डा. राजीव गर्ग ने दौलतपुर चौक अस्पताल का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।