Monday, August 10, 2020 11:08 AM

खनन पर विपक्ष का वाकआउट

उद्योग मंत्री व मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने जमकर की नारेबाजी

धर्मशाला   - तपोवन में शीत सत्र के चौथे दिन विपक्ष ने ऊना जिला की स्वां नदी में हो रहे खनन के मामले में एक बार फिर वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री द्वारा प्रश्नकाल के दौरान खनन पर पूछे गए सवाल के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने प्रश्नकाल के खत्म होने के दौरान नारेबाजी के साथ सदन से वाकआउट कर दिया। हालांकि बाद में कुछ देर बाद ही पूरा विपक्ष सदन में लौट आया और दोपहर के भोजनावकाश तक कार्यवाही में हिस्सा लिया। सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सुबह सौहार्दपूर्ण माहौल में सदन की कार्यवाही शुरू हुई और प्रश्नकाल चलता रहा, लेकिन आखिर में नेता प्रतिपक्ष के खनन पर उठाए गए सवाल पर उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष की ओर से मुकेश अग्निहोत्री और ऊना के विधायक सतपाल रायजादा ने उनके जवाब पर आपत्ति दर्ज की। इन दोनों नेताओं ने स्वां में हो रहे खनन को रोकने की मांग करते हुए वहां बटालियन लगाने की मांग की। इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री बेहतर जवाब दे सकते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री स्वयं जवाब देने के लिए खड़े हुए और उन्होंने भी विपक्ष के सदस्यों को संतुष्ट करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी के साथ वाकआउट कर गए। उधर, सदन से बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सदन के अंदर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही। विपक्ष के सवालों के गोलमोल जवाब देकर गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊना जिला सहित अन्य जगह हो रहे खनन के लिए सरकार गंभीर नहीं है तथा इनके लोग ही इस कार्य में लगे हुए हैं। उन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है। अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष का अधिकार है कि उन्हें उनके सवालों के जवाब मिलें। विपक्ष के वाकआउट पर संसदीय कार्य मंत्री मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सत्तापक्ष इनके वाकआउट की निंदा करता है। विपक्ष राजनीति चमकाने के लिए सदन से वाकआउट कर रहा है। खनन के सवाल पर संबंधित मंत्री ने विस्तार से जवाब दिया है। यही नहीं, बाद में खुद मुख्यमंत्री ने भी इस पर अपनी बात रखकर हरसंभव कार्रवाई की बात कही, लेकिन फिर भी जानबूझकर विपक्ष ने वाकआउट किया, जिसकी हम निंदा करते हैं।