Wednesday, October 23, 2019 08:23 AM

खबर छपते ही निशानदेही को पहुंचे अफसर

संगड़ाह—छह माह की लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार को आखिर राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह की निशानदेही का कार्य संबंधित पक्षों की मौजूदगी में पूरा किया गया। कालेज बिल्डिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी सदस्य प्रो. वेद प्रकाश, प्रो. प्रमोद, प्रो. सुशील, प्रो. विक्रम व राजेंद्र सिंह आदि की मौजूदगी उक्त निशानदेही की वीडियोग्राफी तथा जियो टैगिंग भी की करवाई गई। महाविद्यालय प्रशासन ने निशानदेही के दौरान कालेज की 32 बीघा 16 बिस्वा जमीन पूरी न होने पर आपत्ति जताई है तथा संभवतः हेलिपेड के साथ लगती जमीन को दोबारा डिमार्केट करवाया जा सकता है। राजस्व विभाग की ओर से फील्ड कानूनगो रमेश कुमार तथा तीन पटवारियों द्वारा उक्त भूमि की निशानदेही की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा कालेज की 32 बीघा 16 बिस्वा जमीन की निशानदेही के लिए एसडीएम संगड़ाह को 28 दिसंबर, 2018 को अधिकारिक पत्र भेजे जाने बावजूद संबंधित राजस्व अधिकारियोंं को उक्त सरकारी भूमि की डिमार्केशन में छह माह का समय लग गया। ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा उक्त मामले को लेकर बीते शनिवार को समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद हरकत में आए स्थानीय प्रशासन अथवा एसडीएम द्वारा पहले उक्त निशानदेही की तारीख नौ जुलाई निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बुधवार के लिए मुल्तवी किया गया। महाविद्यालय प्रशासन जहां उक्त निशानदेही को लेकर कई बार संबंधित राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर चुका था, वहीं राजस्व विभाग के अनुसार महाविद्यालय द्वारा संबंधित दस्तावेज देरी से दिए जाने तथा कर्मचारियों के विभिन्न कार्यों में व्यस्त होने के चलते इतना समय लग गया। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डा. वेद प्रकाश ने बताया कि बुधवार को हुई निशानदेही में कालेज की जमीन पूरी नहीं हुई है। तहसीलदार संगड़ाह जीत राम नेगी तथा निशानदेही करने वाले कानूनगो रमेश कुमार ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर इस बारे रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कानूनगो के अनुसार 2006 से अब तक चार बार महाविद्यालय की भूमि की निशानदेही की जा चुकी है।