Tuesday, August 04, 2020 10:40 AM

खुशहाली की राह पर कश्मीर 

- शक्ति चंद राणा, मलघोटा, बैजनाथ

अनुच्छेद 370 को हटाने का निर्णय साहसिक और कूटनीतिक सूझबूझ के साथ लिया गया है। इस नासूर का आपरेशन कर कश्मीर को इस आतंकवाद के रोग से मुक्त कर विकास के मार्ग पर चलने का रास्ता खोल देने के लिए मोदी सरकार बधाई की हकदार है। गत 70 वर्षों से इस प्रदेश की खुशहाली को घाटी में बैठे दो परिवार और केंद्र में लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस सरकारों ने भी इस पक्षपातपूर्ण अनुच्छेद को हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए। वे आज भी अपनी राजनीतिक मजबूरी के चलते इसका विरोध कई तर्क-कुतर्क देकर खुद की जमीन तलाशने में लगे हैं, जबकि इस राष्ट्रीय समस्या के लिए वे स्वयं जिम्मेदार रहे हैं। अब इस अनुच्छेद के खत्म होने से पूरे प्रदेश को पंचायतों के पूरे अधिकार मिलेंगे, निवेश होगा, उद्योग लगेंगे,  टूरिज्म बढ़ेगा और सबसे बड़ी बात यह कि जो घाटी के युवकों को आतंकवाद के रास्ते पर चलने को आज तक उकसाते रहे हैं और अपना उल्लू सीधा करते रहे हैं, उनकी दुकानों पर अब ताले लग जाएंगे। घाटी एक बार पुनः अपनी पुरानी सूफियाना तहजीब को हासिल करेगी। भटके हुए नौजवान मुख्य धारा में लौट सकेंगे। कश्मीर के 70 साल के इस कालखंड को इतिहास में काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा। जो इसके लिए उत्तरदायी हैं, इतिहास उन्हें कभी क्षमा भी नहीं करेगा।