Sunday, December 06, 2020 03:57 AM

खुश्क मौसम खेतीबाड़ी पर पड़ रहा भारी

मटर-लहसुन लगाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसान

कार्यालय संवाददाता-पतलीकूहल-पिछले डेढ़ महीने से भी अधिक समय से घाटी में वर्षा न होने किसान को हाथ पर हाथ धरे रहने पर मजबूर कर दिया है। सितंबर महीने में वर्षा न होने जहां सेब की क्वालिटी प्रभावित हुई वहीं पर अक्तूबर महीने पूरा होने के लिए एक सप्ताह का समय रह गया है, लेकिन वर्षा नहीं हो रही है। सड़कों पर धूल उड़ने के सिवा और कुछ नहीं हो रहा है। खेतों को सिंचाई के माध्यम से उसमें हरियाली के लिए किसान पानी लगा रहे हैं, लेकिन जिन किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं है, उन्हें वर्षा पर ही निर्भर रहने से फसले सूखने के कगार पर खड़ी है।

घाटी में जाती बरसात से बड़ा नुकसान होता आया है, लेकिन इस बार सिंतबर का महीना एक दम सूखा रहा है और उससे अधिक अक्तूबर में भी वर्षा न होने से लोग परेशान हैं। अक्तूबर महीने के पहले सप्ताह में लोग गेहूं, मटर  व चारे के लिए जौ व जई की बिजाई कर देते थे, मगर इस बार अक्तुबर का महीना समाप्ति की ओर है, मगर वर्षा का कहीं नामोनिशान नहीं हैं। हांलाकि सुबह-शाम ठंडी हवा की बयार बहने से ऊनी कपड़े लगाने पर लोग मजबूर हो गए हैं, लेकिन मौसम के इस खुश्क वातावरण को देखकर किसान व बागबान चिंतित हैं, जिससे लोगों का उत्साह कम होने लगा है।

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