Tuesday, September 25, 2018 02:15 PM

गणपति विसर्जन क्यों

गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ। इस नारे के साथ देश में जगह-जगह गणपति की मूर्ति विसर्जित की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अगले 10 दिन तक गणपति को वेद व्यास जी ने भागवत कथा सुनाई थी। इस कथा को गणपति जी ने अपने दांत से लिखा था। दस दिन तक लगातार कथा सुनाने के बाद वेद व्यास जी ने जब आंखें खोली तो पाया कि लगातार लिखते-लिखते गणेश जी का तापमान बढ़ गया है। वेद व्यास जी ने फौरन गणेश जी को पास के कुंड में ले जाकर ठंडा किया। इसलिए भाद्र शुक्ल चतुर्थी को गणेश स्थापना की जाती है और भाद्र शुक्ल चतुर्दशी यानी अनंत चतुर्दशी को शीतल जल में विसर्जन किया जाता है।