गाजर के पौष्टिक गुण

सर्दियों के मौसम में रंग-बिरंगी सब्जियों के सेवन का मजा ही कुछ और है। चाहे बात गाजर की ही क्यों न करें, सर्दियों में इसे खाने के अपने ही फायदे हैं। गाजर के मीठेपन को लेकर आपको कैलोरी की चिंता करने की भी जरूरत नहीं क्योंकि इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है। गाजर के जूस में मिनरल्ज, विटामिन्स और विटामिन ए पाया जाता है इसलिए इसे त्वचा और आंखों के लिए अच्छा माना जाता है। गाजर का प्रयोग आप सूप बनाने, सब्जियों, हलवे और सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।

त्वचा निखार के लिए- प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या गाजर का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है। गाजर रक्त  की विषाक्तता कम करती है और इसके सेवन से कील-मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को सूरज की किरणों से होने वाले डैमेज से बचाता है। अगर शरीर में विटामिन ए की कमी होती है, तो उससे त्वचा और बाल,नाखून तीनों ही ड्राई हो जाते हैं। इसलिए विटामिन ए की पूर्ति के लिए अपनी डाइट में गाजर को जरूर शामिल करें।

आंखों की रोशनी- गाजर में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है इसलिए इसके सेवन से आंखों की रोशनी ठीक होती है। आंखों से संबंधी सामान्य समस्याओं का कारण है विटामिन ए की कमी।

हृदय रोगी भी खा सकते हैं गाजर- गाजर में कैरोटिनायड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा होता है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए- गाजर के प्रतिदिन सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर ठीक रहता है।

स्वस्थ  प्रतिरक्षा प्रणाली- गाजर में बीटा कैरोटिन होती है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा होता है।

कैंसर से बचने के लिए- गाजर खाने से पेट और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।

आधा सीसी का दर्द- गाजर के पत्तों पर दोनों तरफ से घी लगाकर उन्हें गर्म करें। फिर उनका रस निकालकर 2-3 बूंदें कान एवं नाक में डालें। इससे आधा सीसी के दर्द में लाभ मिलता है।

वजन कम करने में मददगार- गाजर का सेवन लिवर को साफ  करता है। शरीर में पैदा होने वाले विभिन्न तरह के जहर गाजर के सेवन से बाहर निकल जाते हैं। गाजर का जूस लिवर को ताकत देकर उसकी काम करने की क्षमता बढ़ाता है। गाजर का जूस वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए बहुत कारगर है क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। आप गाजर के जूस को अपने डाइट प्लान का हिस्सा बना सकते है। जल जाने पर भी प्रभावित अंग पर बार-बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता है। गाजर को कद्दूकस करके नमक मिलाकर खाने से खाज-खुजली में फायदा होता है।

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