Tuesday, March 31, 2020 06:07 PM

गेशे थुबतन नेगी रिंपोछे थाईलैंड यात्रा पर

रिकांगपिओ   - जिला किन्नौर के लिप्पा गांव में जन्मे गेशे थुबतन  नेगी रिंपोछे इन दिनों 15 दिवसीय थाईलैंड स्थित चंग राई शहर की विशेष यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान वे अनुयायियों को बौद्ध धर्म एवं बोन धर्म के मूल उपदेश से अवगत करवा रहे हैं। बता दे कि गेशे थुबतन  नेगी रिनपोछे जी चंग राई में अपने अमेरिकन तथा स्वीटजरलैंड आदि यूरोपियन देशों के कुछ विशेष अनुयायियों के निमंत्रण पर गए है। आमतौर पर अमेरिका तथा स्वीटजरलैंड आदि यूरोपियन देशों में शीतकाल में हिमपात होने के साथ-साथ मौसम भी अत्यधिक ठंडा रहता है इसलिए लोग सर्दी काटने के लिए यहां पर आते हैं वे यहां पर भी धार्मिक गतिविधि जैसे धर्म उपदेश साधना अभ्यास आदि का आयोजन करते रहते हैं तथा उन में भाग लेते हैं। रिंपोछे जी ने यहां पर अपने अनुयायियों को बौद्ध एवं बोन धर्म के उपदेश देने के साथ-साथ विशेष रूप से श्जोंगस छेन पर आधारित साधना का उपदेश दे रहे हैं तथा साधना अभ्यास की विधि से भी उन्हें प्रशिक्षित किया। उन्होंने इस बार अपने अनुयायियों को विशेष रूप से बौद्ध धर्म के सार रूपी तथा गत  बुद्ध की निम्न गाथा श्सब्बपापस अकरणम कुसलस्स उपसंपदा सचितपरिएयोदपनम एत बुद्धान सासनश पर विस्तार से व्याख्यान देते हुए लोगों को बौद्ध धर्म से अवगत करवाया। रिनपोछे जी के अनुसार उन्हें चांग राइ शहर में निवास के दौरान विभिन्न स्कूलों में जाने का अवसर भी प्राप्त हुआ तथा उन्होंने स्कूली छात्रों को भी बौद्ध धर्म की बुनियादी शिक्षा पर व्याख्यान देने के साथ साथ थाईलैंड की भावी पीढि़यों को एक अच्छे नागरिक बनने तथा विश्व शांति में अपना योगदान देने के भी सुझाव दिए। यह उनकी थाईलैंड में प्रथम यात्रा है इससे पूर्व वे अमेरिका सहित यूरोप  के अनेक देशों की यात्रा कर  लोगों को बौद्ध धर्म एवं बोन धर्म के मूल उपदेश देने का कार्य करते आ रहे हैं।