Tuesday, September 17, 2019 04:46 PM

गोबिंदसागर झील में पर्यटन को जल्द लगेंगे पंख

कुटलैहड़ में पर्यटन विकास सोसायटी की बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने दी जानकारी

बंगाणा -गोबिंद सागर झील में जल्द ही पर्यटन गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। यह जानकारी ग्र्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने रविवार को थानाकलां में कुटलैहड़ पर्यटन विकास सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस बैठक में सोसायटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना संदीप कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि झील में पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए सोसायटी को बीबीएमबी सहित सभी विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र  मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि एनओसी मिलने के बाद अब जल क्रीडाएं तथा साहसिक खेल गतिविधियां आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद अब जल क्रीडाएं को नियम बनाए जाएंगे। ग्र्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि पूरे कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करना उनकी प्राथमिकता है, जिसके अंतर्गत झील के अलावा कुटलैहड़ में दूसरे पर्यटक स्थलों का भी विकास होगा। अंदरोला गांव में आधारभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी, बाबा औगड़नाथ आसरी गुफा का विकास होगा, चामुखा महादेव मंदिर की मरम्मत करवाई जाएगी, ऐसन-घलूं व बौट-चामुखा ट्रैकिंग रूट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ कुटलैहड़ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष धार्मिक सर्किट विकसित किया जाएगा। इस बैठक में उपायुक्त ऊना संदीप कुमार, एडीसी अरिंदम चौधरी, डीएसपी अशोक वर्मा, तहसीलदार बंगाणा शमशेर सिंह, पीओ डीआरडीए संजीव ठाकुर, बीडीओ बंगाणा सोनू गोयल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अंशुल धीमान, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी संजीव कुमार अग्निहोत्री, डीएफओ यशुदीप सिंह, रेंज ऑफिसर संदीप कुमार व एसडीओ बिजली विभाग राहुल पुरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

झील महोत्सव आयोजित करने पर भी चर्चा

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गोबिंद सागर में झील महोत्सव शुरू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही कुटलैहड़ में आने वाले प्रवासी पछियों को भी पर्यटन से जोड़ने पर विचार किया गया। बैठक में बर्ड फेस्टिवल (पक्षी महोत्सव) आयोजित करने पर भी विचार किया। मंत्री ने अधिकारियों को इनकी संभावनाएं तलाशने को कहा। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पर्यटकों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और यहां के निवासियों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा उनकी आमदनी बढ़ेगी।