Monday, April 06, 2020 06:32 PM

घर से कोरोना पर तगड़ा वार

 कांगड़ा के गांवों से लेकर शहरों तक पसरा रहा सन्नाटा, शाम पांच बजे तालियों और घंटिंयों से गूंज उठा सारा आसमां, धर्मशाला, शाहपुर, चामुंडा, ज्वालामुखी, पालमपुर, इंदौरा, नूरपुर, जवाली, जसूर  बाजार वीरान,  जिला में पूरी तरह सफल रही मुहिम, इक्का-दुक्का लोग निकले घरों से बाहर

धर्मशाला-विश्व भर सहित देश में पांव पसार चुकी कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी से बचाव को हिमाचल प्रदेश सहित जिला कांगड़ा में अनोखा ही जज्बा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता का खुद के लिए रविवार को किया गया जनता कर्फ्यू इतिहास में अब तक के सबसे बड़े कर्फ्यू के रूप में जाना जाएगा। कोरोना को हराने को देश भर सहित जिला कांगड़ा में भी अनोखा मंजर देखने को मिला। मीलों तक न कोई वाहन, न कोई पैदल राहगीर नजर आया। जनता कर्फ्यू के तहत लोग मात्र घरों में ही दुबके रहे। जिला भर में बड़े शहरों, गांवों, पंचायतों व बाजारों में जहां तक नजर गई वहां सन्नाटा ही सन्नाटा नजर आया।  कोरोना वायरस के चक्र को ब्रेक करने के लिए जिला मुख्यालय धर्मशाला, कांगड़ा, चामुंडा, ज्वालामुखी, पालमपुर, शाहपुर व इंदौरा सहित सभी मुख्य बाजारों और पंचायतों में जनता कर्फ्यू का असर देखने को मिला। जिला भर के सभी हिस्सों मे आवाजाही पर पूरी तरह से ब्रेक लगी रही। सड़कों में हजारों वाहनों की बजाय एक साइकिल भी चलती हुई नजर नहीं आई।   उधर, जिला में शनिवार को धारा-144 को जिला दंडाधिकारी राकेश प्रजापति द्वारा प्रभावी कर दिया गया है, जिसके बाद पूरी तरह से इसके अनुपालना की निगरानी की जा रही है। कोरोना वायरस के बीच सरकारी कार्यों अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए नागरिकों को कार्यालय आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं, जिला मुख्यालय धर्मशाला में सोमवार को भी जनता कर्फ्यू जारी रहेगा।

घरों में पूजा-पाठ, शहर पूरी तरह से शांत

कोरोना वायरस को देश से हराने के लिए जनता कर्फ्यू का आगाज देवभूमि हिमाचल के कांगड़ा में घरों से पूजा-पाठ के साथ हुआ। वहीं, धर्मशाला शहर दिन भर पूरी तरह से शांत दिखाई दिया। सुबह से ही शहर में कोई हलचल ही नहीं हुई।