Tuesday, June 02, 2020 12:01 PM

घूस मांगने के आरोपी स्वास्थ्य निदेशक के देश के कई बैंकों में खाते

आला अधिकारी के सरकारी आवास से छापामारी में मिलीं 25 बैंकों की पासबुक, सवा चार लाख की नकदी के साथ ज्वेलरी भी बरामद

शिमला - घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार स्वास्थ्य विभाग के सस्पेंड किए गए निदेशक डा. अजय कुमार गुप्ता के देशभर के कई बैंकों में खाते हैं। चार अलग-अलग जगह अर्जित की गई प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी विजिलेंस के हाथ लगे हैं। आरोपी आलाअधिकारी के सरकारी आवास से छापेमारी के दौरान 25 अलग-अलग बैंकों की पासबुक बरामद हुई हैं। निलंबित निदेशक के आवास से सवा चार लाख की नकदी भी मिली है। इसके अलावा ज्वेलरी भी बरामद हुई है। कुसुम्पटी स्थित स्वास्थ्य निदेशालय में डायरेक्टर के ऑफिस से कोविड के बीच दिए गए सप्लाई ऑर्डर का रिकार्ड भी मिला है। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन की टीम ने अधिकारी के आवास और घर से कई अहम सबूत जुटा लिए हैं। इसके आधार पर ये खुलासे हो रहे हैं कि 20 मार्च से लेकर गिरफ्तारी तक स्वास्थ्य निदेशालय ने बड़े स्तर पर कोविड फंड से उपकरणों की खरीद की है। इसी के बदले स्वास्थ्य निदेशक ने चंडीगढ़ की फर्म के सप्लायर से पांच लाख की घूस मांगी थी। बहरहाल विजिलेंस के लिए सबसे चौंकाने वाला सबूत निदेशक के कई बैंकों की पासबुकें हाथ लगना है। सूत्रों का कहना है कि डा. अजय गुप्ता के हिमाचल के अधिकतर बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों के बैंकों में भी डा. अजय गुप्ता के पर्सनल बैंक एकाउंट है। विजिलेंस के हाथ लगी अलग-अलग 25 बैंकों की पासबुक को हथियार बनाकर उनके बैंक खाते खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा चार अलग-अलग प्रॉपर्टीज के भी बरामद हुए दस्तावेज विजिलेंस के लिए जांच में आगे बढ़ने के लिए मदद करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. अजय कुमार गुप्ता का बुधवार को एक ऑडियो वायरल हुआ था। कुल 47 सेकंड के संवाद वाले इस ऑडियो में डा. अजय गुप्ता किसी सप्लायर से पांच लाख के लेनदेन की बात कर रहे हैं। इस आधार पर सरकार ने यह ऑडियो जांच के लिए विजिलेंस को सौंपा था। ऑडियो में दोनों पक्षों के संवाद को सुनने के बाद स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने निदेशक अजय गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

जमानत को दी अर्जी ली वापस

आरोपी निदेशक अजय कुमार गुप्ता ने जमानत के लिए अर्जी देने के बाद इसे वापस ले लिया। शुक्रवार सुबह पहले उन्होंने कोर्ट से जमानत मांगी थी, लेकिन पेशी के दौरान उन्होंने इस अर्जी को विड्रॉ करने की गुहार लगाई। बताते चलें कि डा. अजय गुप्ता अब भी आईजीएमसी शिमला में भर्ती हैं। इसी बीच स्टेट विजिलेंस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आरोपी अधिकारी को कोर्ट के समक्ष पेश किया। इसके चलते उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

घूस की पेशकश करने वाला सिरमौर निवासी हिरासत में

ऑडियो में पांच लाख की घूस की पेशकश करने वाले सिरमौर जिला के पृथ्वी नामक शख्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। विजिलेंस की टीम ने उसे 25 पन्नों की प्रश्नावली सौंप कर जवाब मांगा है। आरोपी पृथ्वी से विजिलेंस गुरुवार से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि कोविड संकट के बीच उपकरणों की सप्लाई की डील फाइनल करवाने वाले पृथ्वी के डायरेक्टर हेल्थ अजय गुप्ता के साथ दोस्ताना संबंध थे। हालांकि इसी डील पर खटपट होने के बाद 47 सेकंड का ऑडियो वायरल कर दिया। इसके बाद यह मामला सामने आया।

महकमे के कुछ और अधिकारी भी निशाने पर

कोविड फंड से हुई खरीद में अब स्वास्थ्य विभाग के और अधिकारी सरकार के निशाने पर आ गए हैं। गुरुवार शाम स्वास्थ्य विभाग के तीन अधिकारियों के तबादला आदेश कई तरह की आशंकाओं को बल दे रहे हैं। निदेशक की गिरफ्तारी से कुछ समय बाद सरकार ने निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर और सीएमओ शिमला को ट्रासंफर कर दिया है। इसके चलते अब यह माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की आड़ में हुई खरीद की गाज प्रदेश के दूसरे स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी गिरना तय है। इसके लिए स्टेट विजिलेंस ने कई अफसरों की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है।