Monday, October 21, 2019 12:11 AM

चंडी स्कूल में स्टाफ का टोटा

चंडी -राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंडी में रिक्त पड़े पदों से बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। एसएमसी प्रधान बलवंत ठाकुर ने बताया कि चंडी स्कूल एक आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला है और इस स्कूल के साथ लगती सात पंचायतों के विद्यार्थी चंडी में शिक्षा ग्रहण करते हैं। इसके बावजूद यहां पर रिक्त पड़े पदों से बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। दून विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने एक समय यहां पर रिक्त पदों को भर दिया था। परंतु आज आलम ये है कि वाणिज्य के दो पद खाली है। एक पद दो साल से खाली है और दूसरा बीच सेशन जुलाई 2019 से खाली हुआ है। वाणिज्य के प्रवक्ता राम प्रताप दो साल पहले दिग्गल से चंडी अपना स्टे तोड़ने आए और दो साल लगाकर बीच सेशन में वापस फिर दिग्गल चले गए, दो  साल से टीजीटी आर्ट्स का पद रिक्त है। 12 सितंबर 2018 को टीजीटी नॉन मेडिकल के पद पर सिरमौर से सुरेंद्र कुमार चंडी में आए और 12 सितंबर 2019 को पूरे एक वर्ष के बाद ट्रांसफर होकर बीच सेशन में चले गए। ऐसा ये पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी कई प्रवक्ता ऐसा कर चुके हैं। सरकार को, जो विद्यार्थी वाणिज्य का अध्ययन कर रहे हैं वे अब बिना प्रवक्ता के कैसे अध्ययन करेंगे। स्कूल में वाणिज्य के बच्चों से जब इस विषय के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे इस मझधार में फंस चुके हैं कि न इधर के रहे और न उधर के। अगर जल्द ही कोई प्रवक्ता नहीं आया तो उनका एक वर्ष खराब हो जाएगा।  एसएमसी प्रधान और सदस्यों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार नियम बनाती है कि किसी भी अध्यापक को तीन वर्ष से पहले और बीच सेशन में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। तो क्या ये नियम उन्हीं को हैं, जिनकी कोई राजनीतिक पहचान नहीं है, जिनकी पहुंच ऊपर तक है वे कहीं भी और कभी भी जा सकते हैं। आज सरकारी स्कूलों में स्टाफ न होने के कारण बच्चों को प्राइवेट स्कूलों का रास्ता अपनाना पड़ता है। एसएमसी के सदस्यों और  अभिभावकों ने सरकार से गुहार लगाई है कि अगर जल्द से जल्द स्कूल में इन पदों को नहीं भरा गया तो मजबूरन उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार होगी।