Saturday, April 20, 2019 02:35 PM

चंबा गर्ल्ज स्कूल में पिंदड़ी तेलिए माह-बबरू की महक

चंबा—कला एवं संस्कृति के सरक्षण के लिए भूरि सिंह संग्रहालय और नोट आन मैप संस्था के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित चंबा उत्सव में रविवार को गर्ल्ज स्कूल परिसर में पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित वर्कशॉप आयोजित की गई। इस आयोजन में चंबा की स्थानीय जनता ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित कार्यशाला का आयोजन पद्मश्री विजय शर्मा की देखरेख में किया गया। इस दौरान चंबा के खान- पान में प्रयुक्त होने वाले प्राचीन बरतनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यशाला में खमोद, पिंदडी, मिठी सुकड़ी, तेलिए माह चिउ री चटनी, बेआब, दही वाले आलू, बबरू व केसरी मीठा इत्यादि पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए।  कार्यशाला के दौरान इन पारंपरिक व्यंजनों को बनाने की विधि भी युवा पीढी को बताई गई। रविवार को आयोजित वर्कशॉप में तीन पीढि़यों का सामंजस्य देखने को मिला। दोपहर बाद कार्यशाला में मौजूद लोगों ने चंबा के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा। पदमश्री विजय शर्मा ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवा पीढियों को चंबा की प्राचीन समृद्ध कला व संस्कृति से रू-ब-रू करवाना है। इसी को लेकर नोट आन मैप संस्था के सहयोग से छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें चंबा के युवाओं की भागेदारी विशेष तौर से सुनिश्चित की जा रही है।  कार्यशाला में भूरी सिंह संग्रहालय से पद्मश्री विजय शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, नोट आन मैप से मनुज शर्मा, मगन, कुलदीप, आरुषि, उज्ज्वला, ललिता, लता, शांति देवी, सरला शर्मा, संध्या, छवि चंपालिया, जितेंद्र, नंद किशोर वैद, विनोद शर्मा और केवल शर्मा आदि मौजूद रहे।