Friday, December 13, 2019 07:38 PM

चंबा में सियासत ने रोके टे्रन-प्लेन

चंबा जनहित संगठन सहित आम जन ने एक बार फिर उठाई ग्राउंड और एयर कनेक्टिविटी की मांग

चंबा पहाड़ी जिला का जनमानस प्रदेश के नोर्थ जोन पर बसे जम्मू-कश्मीर की सीमाओं से लगते सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील जिला चंबा में रेल, हवाई एवं यातायात कनेक्टिविटी को बढ़ाने की मांग कर रहा है। चंबा अवाम का कहना है कई दफा सांसदों की ओर से चंबा को रेल नेटवर्क से जोड़ने की बात कही गई, लेकिन पठानकोट तक  सिमटी उत्तरी भारत की सबसे बड़ी रेल सेवा कई वर्ष गुजर जाने के बाद एक इंच भी चंबा की पहाड़ी की तरफ नहीं खिसक पाई है। जन हित संगठन चंबा सहित अन्य सामाजिक संगठनों के अलावा चंबा की अवाम ने एक बार फिर सरकार से चंबा को रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग उठाई है। संगठन सदस्यांे के अलावा चंबा की जनता का कहना है प्रदेश की जयराम सरकार भी कांगड़ा मंडी शिमला जैसे जिलों के विकास की ओर ध्यान दे रही है, जबकि विकास के क्षेत्र में पिछड़े चंबा को अनदेखा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनावों के दौरान कई दफा चंबा को रेल नेटवर्क  से जोड़ने की बात कही गई है। वहीं एक बार तो इसके सर्वे पर भी विचार किए जाने लगा था, जिससे लोगों को भी चंबा को रेल नेटवर्क से जुड़ने की आस जगी थी, लेकिन फिर से मामला ठंडे वस्ते मंे पड़ गया है। चंबा जन हित संगठन के अलावा अन्य समाजिक संगठनों का कहना है कि लेह को मंडी मनाली होते हुए रेल सेवा से जोड़ने पर सर्वे किया गया है, जो कि काफी लंबा मार्ग होगा, जबकि पठानकोट चंबा होते हुए लेह तक रेल नेटवर्क बनाया जाए तो यह सुगम होने के साथ ही कम दूरी बाला मार्ग होगा। जिसे जल्द तैयार किया जा सकता है। वहीं, जिला चंबा की सीमाएं जम्मू-कशमीर को टच करती हैं। जहां से चीन व पकिस्तान की सीमाएं भी काफी नजदीक हैं। लिहाजा पहाड़ी जिला में रेल, ईयर के अलावा अन्य कनेक्टिविटी होना काफी महत्त्वपूर्ण है।