Monday, July 22, 2019 12:33 AM

चकौता धारकों को जल्द मिले मालिकाना हक

बीबीएन-चकौता धारकों को मालिकाना हक न मिलने से लघु किसान कल्याण व एकता सोलन संस्था काफी खफा है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से शीघ्र मालिकाना हक दिलाने की मांग की है। इसी कड़ी में लघु किसान कल्याण व एकता सोलन का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा से मिला जहां उन्होंने चकौता धारकों को मालिकाना हक दिलाने के लिए गुहार लगाई। जिला अध्यक्ष कांति प्रकाश की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसमें उन्होंने चकौता धारकों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। इस मौके पर लघु किसान कल्याण के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह भी उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष कांति प्रकाश ने उपमंडलाधिकारी से मांग की है कि क्षेत्र के चकौता धारकों ने, जो अर्जियां मालिकाना हक के लिए लगाई हंै उस पर शीघ्र कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा 2015 में दी गई अधिसूचना के तहत, जिन चकोता धारकों ने आप के कार्यालय में पांच बीघा या पांच बीघा से नीचे जमीन का पैसा जमा किया है उनका इंतकाल किया जाए, ताकि चकौता धारकों को उनका मालिकाना हक मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से 2020 तक चकौता धारक परेशानी का सामना कर रहे हैं और प्रशासन से बार-बार मांग कर रहे हैं की पंचायत द्वारा उन्हें जो भूमि दी गई है उनको मालिकाना हक दें। उन्होंने कहा जिन चकौता धारकों ने पैसा जमा करवाया है और उनसे जमाबंदी मंगवाई गई है उन पर मालिक की जगह प्रदेश सरकार लिखा गया है उन्होंने कहा की यह कैसा मालिकाना हक है। इस पर एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि प्रशासन की तरफ से उन्हें सहयोग दिया जा रहा है और नियमानुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय में कुछ चकौता धारकों की जो अर्जियां आई हंै उनमें से 340 अर्जियां किसी कारण रद्द कर दी गई है और 1104 चकौता धारकों की अर्जियों के इंतकाल होंगे। इस पर जिलाध्यक्ष कांति प्रकाश ने एसडीएम प्रशांत देेष्टा से मांग की है कि जिन चकौता धारकों की अर्जियां रद्द कर दी गई हंै उन्हें संस्था को बताया जाए । उन्होंने कहा कि तीन हजार लघु किसानों द्वारा इंतकाल के लिए अर्जियां लगाई गई हैं।  उन्होंने प्रशासन से मांग की है की चकौता धारकों की समस्या को देखते हुए उन्हें मालिकाना हक दिलवाया जाए। इस मौके पर सुमन कौशल, जसवीर सिंह, महेंद्र सिंह, गुरमेल सिंह, परस राम, अनंत राम, दौलत राम, गुरचरण सिंह अबी राम, जीत राम, गुरबचन सिंह, शिव कुमार व करतारा सहित अन्य उपस्थित रहे।