Tuesday, September 17, 2019 02:25 PM

चरस की खेती करने पर तीन मामले दर्ज

कुल्लू -चरस की खेती से मालामाल होना आखिर जिला कुल्लू के तीन लोगों को महंगा पड़ सकता है। पुलिस कोे निजी भूमि पर चरस की खेती मिली है और खेती को पुलिस ने नष्ट  कर डाला है। अब जिनकी निजी भूमि पर खेती पाई गई है, वह किसकी और किसके नाम है, पुलिस इस कार्रवाई में जुट गई है।  पुलिस के पास तीन मामले सामने आए हैं और तीन लोगों पर कड़ी कार्रवाई होना तय है। हालांकि  22 अगस्त से जिला कुल्लू में छेड़े गए भांग उखाड़ो अभियान के दौरान आठ सितंबर यानी 18 दिनों में पुलिस ने हालांकि जिला कुल्लू के 3500 बीघा भूमि से भांग की खेती को नष्ट किया था, लेकिन पुलिस के हाथ में ऐसे को शख्स नहीं लगे थे, जिन्होंने इतने बीघा भूमि पर खेती कर रखी थी। नौ सितंबर को ठीक मिशन के 19वें दिन पुलिस ने आखिर निजी भूमि पर चरस की खेती करने पर तीन मामले पंजीकृत  हुए हैं। अब यह जमीन किसकी है, पुलिस विभाग ने राजस्व विभाग को निशानदेही करने के लिए कहा है है। जिला कुल्लू के अलग-अलग स्थानों पर छेड़े गए भांग उखाड़ो अभियान के दौरान पुलिस ने यह कामयाबी हासिल की है। हालांकि पुलिस ने उनके खिलाफ मामले पंजीकृत किए गए हैं, लेकिन अब देखना यह होगा कि पुलिस खेती करने वाले इन लोगों पर आगे क्या बड़ी कार्रवाई करेगी। क्योंकि पुलिस के मिशन के दौरान इस वर्ष निजी भूमि पर चरस की बिजाई के तीन मामले सामने आ गए हैं। यह इस वर्ष के पहले मामले हैं। अगर पुलिस इन कारोबारियों पर सख्ती कार्रवाई अमल में लाएगी तो आगामी वर्ष चरस बिजाई करने वाले बड़े कारोबारियों के लिए बड़ा सबक होगा और वह खेती करने के बारे सोच भी नहीं लेंगे। बता दें कि कुल्लू पुलिस ने भांग की खेती को नष्ट करने के अभियान को इन दिनों  तेज रफ्तार में चलाया है। यह अभियान अगले दस-बारह दिनों तक चलेगा। अब तक छेड़े गए अभियान के दौरान पुलिस ने मणिकर्ण, ऊझी घाटी, सैंज, बंजार घाटी सहित अन्य कई क्षेत्रों से तकरीबन 4843 बीघा जमीन से भांग की खेती नष्ट किया है। अभियान को छेडे़ हुए बीस दिन बीत गए हैं।इसी के साथ निजी भूमि पर भांग की खेती करने वालों के खिलाफ तीन मुकदमें पंजीकृत किए गए हैं। बता दें कि पुलिस ने नौ सितंबर को छेड़े गए अभियान के दौरान मणिकर्ण घाटी के शीला सुमाथाच में तीन बीघा निजी भूमि से भांग के 2000 पौधे नष्ट किए हैं। वहीं, पुलिस ने बंजार उपमंडल के परवाड़ी गांव में दो बीघा निजी भूमि पर लहलाती हुई चरस की खेती पाई और यहां पर 3000 भांग के पौधे नष्ट किया, जबकि मणिकर्ण घाटी के आतोढांक में वन भूमि पर एक बीघा भूमि पर तैयार की गई चरस की खेती को नष्ट किया और 1500 से अधिक पौधे यहां पर उखाड़ फैंके। एसपी कुल्लू अब तक के मिशन में 4843 बीघा जमीन से भांग की खेती नष्ट कर दी गई है। पुलिस का मिशन जारी है। एसपी ने बताया कि निजी भूमि पर भांग की खेती करने वालों के खिलाफ तीन मुकदमें पंजीकृत किए गए हैं। जिन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसमें राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही की जानी है।