Tuesday, November 19, 2019 03:05 AM

चरस तस्कर को 13 साल जेल

जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश तोमर ने सुनाई सजा, एक लाख तीस हजार जुर्माना भी ठोेंका

चंबा - विशेष जज कम जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर की अदालत ने लेखराज पुत्र हंसो वासी गांव भैंठ पोस्ट आफिस संघणी तहसील सलूणी को चरस तस्करी के आरोप में मादक द्रव्य पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 13 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख तीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर दोषी लेखराज को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहालिया ने की। अभियोजन पक्ष के मुताबिक सलूणी- संघणी मार्ग पर भांदल के नजदीक सोलह नवंबर 2017 को अटाला डैम साइट पर पुलिस टीम ने एएसआई गोविंद पाल की अगवाई में नाका लगाकर वाहनों की चैकिंग का सिलसिला चला रखा था। इसी दौरान वहां से पैदल गुजर रहा लेखराज वासी गांव भैंठ पुलिस टीम को देखकर घबराकर मौके से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस को लेखराज की गतिविधि संदिग्ध दिखने पर तुरंत पीछा कर धर दबोचा। पुलिस ने लेखराज की शक के आधार पर तलाशी लेने पर कब्जे से सात किलोग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने लेखराज के खिलाफ चरस तस्करी को लेकर किहार थाना में मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया। बाद में पुलिस ने मामले से जुडी कागजी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद चालान आगामी कार्रवाई हेतु अदालत में दायर कर दिया था। अदालत में अभियोजन पक्ष से बीस गवाह पेश कर लेखराज पर लगे चरस तस्करी के आरोप को साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लेखराज को चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए 13 वर्ष की कैद व एक लाख तीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।