Monday, September 16, 2019 07:32 AM

चाय नगरी पालमपुर में जमकर बरसे मेघ

पालमपुर -पालमपुर के निकट धौलाधार की पहाडि़यों पर बादल फटने और मूसलाधार बारिश से प्रभावित जनजीवन सोमवार को पटरी पर आता दिखा। न्यूगल खड्ड के पानी ने सौरभ वन विहार को तहस-नहस कर दिया, वहीं बारिश के चलते क्षेत्र में पानी की अनेक योजनाएं प्रभावित हुई। आईपीएच विभाग द्वारा टूटी पाइपों की मरम्मत करवाए जाने के साथ पानी की व्यवस्था सूचारू बनाए जाने के प्रयास जारी हैं। बीते सप्ताह पालमपुर में जमकर मेघ बरसे का क्षेत्र में बारिश का ग्राफ सामान्य से दोगुणा रहा। साल के 33वें सप्ताह में पालमपुर में औसत बारिश का आंकड़ा 139.6 एमएम रहता है, जबकि इस वर्र्ष 13 से 19 अगस्त तक पालमपुर में 273.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बीते सप्ताह तीन दिन क्षेत्र में बारिश का आंकड़ा 50 एमएम को पार कर गया। 14 अगस्त को 50, 17  को 64 और 18 को पालमपुर में 86.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पालमपुर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 22.5 से 28 डिग्री और 17.0 से 20.0 डिग्री के बीच रहा जो कि सामान्य से क्रमशः 0.3 से 2.1 डिग्री सेल्सियस और 0.0 से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक था। 16 को पालमपुर का अधिकतम तापमान सामान्य 25.9 डिग्री को पार कर 28 डिग्री तक जा पहुंचा। जो 18 को हुई बारिश के बीच 22.5 डिग्री तक लुढ़क गया। 19 को पालमपुर का अधिकतम तापमान 25.0 और न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि खेत के तालाबों में बारिश के पानी को जमा करने की व्यवस्था करें। इस पानी का उपयोग फसलों में सिंचाई के लिए किया जा सकता है। प्रदेश कृषि विवि के सदस्य, चारा एवं चारागाह प्रबंधन विभाग ने 20 अगस्त को दस एमएम और 21 अगस्त को पांच एमएम बारिश की आशंका जताई है। 

खुले रहे स्कूल-कालेज

बारिश की आशंका को देखते हुए प्रदेश के छह जिलों में सोमवार को शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई थी। जिला कांगड़ा में अवकाश की घोषणा नहीं हुई थी और सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद छिटपुट बूंदों के बीच दिनभर मौसम लगभग साफ  ही रहा। ऐसे में उपमंडल के तमाम शिक्षण संस्थान खुले रहे।