Monday, November 18, 2019 05:28 AM

चिकनी में प्रदूषण पर दो उद्योगों की कटी बिजली

बीबीएन—राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नालागढ़ के दो उद्योगों की बिजली काटने के आदेश जारी किए है, उद्योगों पर यह गाज जगातखाना की चिकनी खड्ड में हजारों की तादाद में मछलियां मरने के मामले में गिरी है। दरअसल मछलियों के मरने की जांच में जुटे बोर्ड के अधिकारियांे को निरिक्षण के दौरान दो उद्योगों दवारा औद्योगिक अपशिष्ट चिकनी नदी में ठिकाने लगाने की बात सामने आई थी। जिसके आधार पर बोर्ड के सदस्य सचिव ने दोनों बेलगाम उद्योगों की बिजली काटने के आदेश जारी किए है,गुरुवार शाम को विद्युत बोर्ड ने भी आदेशो पर कार्रवाई करते हुए दोनों उद्योगों की बिजली काट दी है। फिलवक्त राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कड़े तेवरों से बीबीएन के उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है, खासकर बेलगाम उद्योगपति सहमें हुए है। बताया जा रहा है कि बोर्ड इस मामले में एक टैक्सटाइल उद्योग पर भी कार्रवाई करने की तैयारी में है, फिलवक्त लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है हालांकि बोर्ड दवारा एहतियातन टैक्सटाईल उद्योग को अपना डाईंग युनिट बंद करने व उद्योग का प्रदूषित पानी सीईटीपी को देने के निर्देंश दिए है।यहां उल्लेखनीय है कि विगत चार जुलाई को भारी बारिश की आड़ में नालागढ़ की चिकनी नदी में बेलगाम उद्योगों ने प्रदूषित पानी बहा दिया था, जिससे चिकनी नदी में जगातखाना के पास हजारों की तादाद में मछलियां मर गई। मामले के सामने आने के बाद एसडीएम के निर्देंश पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी हरकत में आए और  चिकनी नदी का दौरा कर जांच के लिए पानी व मृत मछलियों के सैंपल जुटाए। बतातें चलें कि इसी दौरान बोर्ड के अधिकारियों को दो उद्योगों के आउटलेट से प्रदूषित पानी व तैलीय अपशिष्ट नदी में बहाने के प्रमाण मिले। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड के अधिकारियों ने सदस्य सचिव को दी, रिपोर्ट मिलते ही सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने दोनों उद्योगों की बिजली काटने के आदेश जारी कर दिए। एसडीओ अश्विनी शर्मा ने बताया कि वीरवार को राज्य विद्युत बोर्ड को यह आदेश मिले है जिसके तुरंत बाद औपचारिकताएं पूर्ण कर सबंधित क्षेत्र के जेई को बिजली काटने की हिदायतें जारी कर दी गई है।

बेलगाम उद्योगपति फैला रहे प्रदूषण

काबिलेजिक्र है कि बीबीएन में बेलगाम उद्योगपति अक्सर बारिश की आड़ में अपने उद्योगों का प्रदूषित पानी ठिकाने लगाते रहे है ऐसे मामलों में हालांकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कई बार दोषी उद्योगों की बिजली काट कर कड़ी कार्रवाई भी की है, लेकिन इसके बावजूद बेपरवाह उद्योगपति बोर्ड की हिदायतों को ठेंगा दिखाने से बाज नहीं आते। ढांग निहली के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह, गुरनाम सिंह, अवतार सिंह, जीत राम, देवराज नेगी, गुरमीत सिंह ने प्रदेश सरकार से इस मामले में दोषी उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इसकी पुनावृति न हो।

प्रदूषण फैलाने वालांे पर होगी कड़ी कार्रवाई

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि नालागढ़ कि चिकनी नदी में मछलियां मरने के मामले में बोर्ड ने जेबी इंडस्ट्रीज व हिमाचल ट्रेडिंग कंपनी की बिजली काटने के आदेश जारी कर दिए है। नेगी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रहा है।

बीबीएन की आबोहवा हुई प्रदूषित

बतातें चलंे कि बेलगाम उद्योगों दवारा फैलाए जा रहे प्रदूषण ने बीबीएन की आबोहवा में जहर घोल दिया है, हालात यह रहे है कि नदियों का पानी भी प्रदूषित हो चुका है। बीबीएन क्षेत्र की कोई नदी या खड्ड बाकी बची हो गी जिसने प्रदूषण की मार न झेली हो। प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, बरोटीवाला व नालागढ़ की जीवनदायिनी नदी सरसा जहरीली हो चुकी है, इसके अलावा कई अन्य नालों में बहता काला पानी खुद अपनी बदहाली को बयां कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने तो कई बार आरोप जड़े है कि बीबीएन में भूमिगत जल उद्योगों के प्रदूषण की वजह से पीने लायक नहीं रहा है।