Tuesday, July 16, 2019 11:54 PM

चुनाव लोकसभा का, दौड़ विधानसभा टिकट की

उपचुनावों को अभी से लॉबिंग शुरू, संसद जाने की तैयारी में हैं पांच विधायक

 शिमला —चुनाव लोकसभा का हो रहा है, लेकिन इच्छाएं विधानसभा की पल रही हैं। कांगे्रस और भाजपा दोनों में ऐसे नेता हैं, जो चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव में उनका विधायक बना प्रत्याशी जीत जाए और इस बहाने उनकी लॉटरी लग जाए। इसे देखते हुए ऐसे टिकट के चाह्वान अपने प्रत्याशी की जीत के लिए मेहनत भी खूब कर रहे हैं। अब सारी भाग्य की बातें हैं। इनका भाग्य खुला, तो विधायक महोदय सांसद बन जाएंगे और इन्हें विधायकी का टिकट, फिर जीत और हार बाद की बात है। लोकसभा में दोनों दलों की ओर से पांच विधायक चुनाव मैदान में हैं। कांगे्रस की ओर से विधायक धनीराम शांडिल, रामलाल ठाकुर व पवन काजल लोकसभा के प्रत्याशी हैं, वहीं भाजपा की ओर से सुरेश कश्यप व किशन कपूर चुनाव लड़ रहे हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र में दोनों तरफ से ही विधायक हैं, तो साफ है कि एक तो लोकसभा में जाएगा ही, लिहाजा यहां सोलन और पच्छाद के नेता विधानसभा के लिए अपनी लॉटरी लगाना चाहते हैं। अभी से ये लोग टिकट की दौड़ में पड़ गए हैं। सोलन में कांग्रेस के नेता अपना भविष्य देख रहे हैं, तो पच्छाद में भाजपा के नेता। यही हाल बिलासपुर में रामलाल ठाकुर के जीतने की राह देखने वाले कांग्रेसियों का भी है, जो चाहते हैं कि वे जीतें, तो टिकट हासिल कर लें। इसी तरह कांगड़ा जिला में भी उपचुनाव होना है, जहां किसी की हसरतें धर्मशाला से विधानसभा का टिकट लेने की है, तो किसी की कांगड़ा विधानसभा सीट से टिकट की इच्छा है।

कोई भी जीते, उपचुनाव तो होगा ही

टिकट की इच्छा पालने वाले लोगों ने अपने आकाओं के पैर पकड़़ने शुरू कर दिए हैं। दोनों दलों में प्रत्याशी कोई भी जीते, वहां उपचुनाव होना है और यहां पिछली दफा चुनाव हारने वाले सबसे पहले टिकट की दौड़ में हैं, क्योंकि उनके पास एक साल के बाद ही बेहतर व बड़ा मौका हाथ लगा है। अब देखना यह है कि भाग्य किसका साथ देगा। ये चाहवान अपने आकाओं की शरण में हैं और लोकसभा की चिंता करने के साथ अपने भविष्य की चिंता में भी पड़े हुए हैं। ऐसे कुछ लोग लोकसभा प्रत्याशी के साथ अपने लिए भी प्रचार कर रहे हैं, ताकि यदि टिकट मिल गया, तो इनको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत न पड़े। किस-किस की राजनीतिक इच्छाएं पूरी होंगी, यह आने वाले समय बताएगा।