Tuesday, March 31, 2020 12:35 PM

चुनौती… तूड़ी खत्म… पशु भूखे

बंगाणा - कोरोना वायरस के आंतक के चलते जहां सरकार व प्रशासन लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठा रहे है। वहीं, चारे व तूड़ी न मिलने के चलते बंगाणा उपमंडल की सरकारी व गैर सरकारी गोशालाओं के साथ-साथ अन्य पशुओं के लिए भूखे मरने की नौबत आ खड़ी है। कर्फ्यू के चलते पशु पालकों व गोशाला प्रबंधकों को चारे की व्यवस्था करना मुसीबत बन गया है। चारा व तूड़ी न मिलने से कई सरकारी व गैर सरकारी पशुशालाओं में बंधे कई पशु भूखे है। वहीं, छोटे पशु पालकों को भी चारा व तूड़ी नहीं मिल पा रही है। तूड़ी के टाल भी पूरी तरह से खाली हो चुके है। जिला ऊना में अधिकतर तूड़ी पंजाब के अमृतसर, कपूरथला, नवांशहर व फगवाड़ा से आती है, लेकिन हिमाचल से कुछ दिन पहले ही पंजाब में कर्फ्यू लग जाने से जिला के टालों पर तूड़ी नहीं पहुंच पाई थी। इसका खामियाजा अब पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। पशुपालकों गुरदियाल सिंह, कमल सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरदियाल सिंह, जतिंद्र कुमार सहित अन्य पशुपालकों का कहना है कि तूड़ी न मिलने के कारण उनके पशु भूखे बंधे हुए है। पशुओं की भूख देखी भी नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन ने भी इस और ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के बीच वे चारे व तूड़ी की खोज में कहीं निकल भी नहीं पा रहे है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से इस और ध्यान देने की अपील की है। उधर, पशुपालन विभाग ऊना के डिप्टी डायरेक्टर डा. सेन ने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन ही उचित कदम उठा सकता है। वहीं, गेहूं की फसल कटाई को अभी एक माह का समय शेष बचा है। लोेगों के पास तूड़ी भी नहीं बची है। ऐसे में कर्फ्यू के बीच लोग तूड़ी व चारे का प्रबंध भी नहीं कर पा रहे है। पशुपालकों ने सरकार व प्रशासन से कुछ हद तक राहत दने की मांग की है।

क्षेत्र में पशुओं को तूड़ी की किल्लत

मैहतपुर। कोरोना वायरस विश्व के लिए एक अभिशाप बनकर सामने आया है। कोरोना के कहर से जहां इनसान मौत से बचने के लिए घर में कैद हुआ है। वहीं, पशुपालकों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या सामने आ रही है नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा व साथ लगते गांव के पशुपालकों ने कहा कि पिछले कई दिनों से कोरोना  वायरस के चलते वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण हमें पशुओं को चारे के लिए दो चार होना पड़ रहा है। पशुचारा के लिए बहुत बड़ी समस्या सामने आ रही है। जनता कर्फ्यू लगने के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पशु पालकों ने कहा पंजाब से हमारे पशुओं के लिए तूड़ी आती थी जोकि 20 मार्च से बंद है। जबकि  जो घरों में रखी तूड़ी और तूड़ी बेचने वाले विक्रेताओं के पास भी तूड़ी खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त ऊना मांग करते हैं कि शीघ्र ही बाहर से आने वाले तूड़ी लेकर आने वाले टैम्पो चालकों को जहां आने के लिए इजाजत दी जाए।

कर्फ्यू... दौलतपुर चौक में तीन बाइक जब्त

दौलतपुर चौक विश्वव्यापी कोरोना वायरस के कहर के चलते कर्फ्यू के दौरान स्थानीय पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। गश्त के दौरान जहां पुलिस ने तीन बाइक जब्त की। वहीं, कर्फ्यू के दौरान चलेट में खेतों में बैठकर शराब की चुस्कियां लगा रहे कुछ युवकों का भी दिमाग ठिकाने लगाया। इसके अलावा बिना मतलब के सड़कों पर घूम रहे आधा दर्जन युवकों को भी कानून का पाठ पुलिसिया अंदाज में समझाया गया। इनमें फतेहपुर, ब्रह्मपुर, खुर्द डंगोह इत्यादि गांवों के बताए जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई को पंचायत प्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों ने खूब सराहा है। चौकी प्रभारी तरसेम सिंह ने उक्त मामले की पुष्टि की है। साथ ही लोगों से आह्वान किया कि कर्फ्यू में ढील के वक्त ही घरों से बाहर केवल मात्र जरूरी सामान खरीदने के लिए निकलें, अन्यथा पुलिस कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी।

कर्फ्यू...बाहर घूमने पर केस दर्ज

हरोली। थाना हरोली के तहत कर्फ्यू की उल्लंघना करने पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तीनों युवक गांव बढेड़ा के हैं, जोकि कर्फ्यू के दौरान खुलेआम घूम रहे थे। हरोली पुलिस टीम जब गश्त पर थी तो उक्त तीनों युवक अनुज शर्मा, कुलभूषण व चंद्र शेखर रेन शेल्टर में बैठ कर गप्पें मार रहे थे। इनके खिलाफ पुलिस ने कर्फ्यू की अवहेलना करने का मामला दर्ज किया है। मामले की पुष्टि एसएचओ रमन चौधरी ने की है।