Saturday, January 25, 2020 11:30 PM

चैंथ खड्ड का तटीकरण जल्द करो मुकम्मल

भोरंज - उपमंडल भोरंज में चैंथ खड्ड  के चैनेलाइजेशन का कार्य जो आईपीएच विभाग के माध्यम से करवाया है, वह थोड़े से ही हिस्से में हुआ है।  अभी भी चैंथ खड्ड के बहुत से हिस्से पर तटीकरण होना बाकी है। किसानों ने फिर से तटीकरण को पूरा करने की मांग उठाई है। गौरतलब है कि 2014 चैंथ खड्ड में आई बाढ़ में चंबोह, बजड़ौह, बधानी, खड्ड बाजार, पहली व धमरोल बडैहर इत्यादि में करोड़ों का नुकसान हुआ था और खड्ड बाजार में तो दुकानों तक में पानी घुस गया था, लेकिन आईपीएच विभाग अब भी लोहे की तार की सपारों से तटीकरण का कार्य कर रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि तटीकरण का कार्य और इन स्पार के डंगों का कार्य भी मात्र ब्लैक स्पॉट पर किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि 2014 व 2015 की तरह ही बाड़ और जल बहाव आता है, तो ये लोहे के स्पार क्या करेंगी। सर्वे के अनुसार 2014 में जो ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, उन पर कार्य नहीं हुआ है। चैंथ खड्ड में ऐसे स्थान है, जहां लोगों को अपनी भूमि के साथ-साथ रिहायशी मकानों का बरसाती मौसम से खतरा बना जाता है। चैंथ खड्ड में नगरोटा से नीचे जहां लोगों की मलकीयती भूमि को खतरा है, जो जंगल की तरफ नीचे उखलसुआ व खुरहाल की भूमि लगती है। उसके बहने का बरसात में पूर्ण खतरा बना हुआ है। भोरंज के लोगों में रणवीर राणा, कश्मीर सिंह, मुकेश, बलबीर, सुरेंद्र, पवन, रमित, विपिन, यशवंत, दीप, बनारसी, जुगल किशोर, पप्पू, संजू, राकेश, कमल, धनि राम, राम चंद, अनीश सोनी व सुनील सोनी आदि ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर व विधायक कमलेश कुमारी से मांग की है कि बचे तटीकरण के बचे हुए भाग पर शीघ्र कार्य करवाया जाए, ताकि उपजाऊ जमीन बहने से बच सके।