Tuesday, March 31, 2020 01:42 PM

चोलिंग के पास पुल बहाल

53 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए हुआ बहाल, लोगों ने ली राहत की सांस

भावानगर - किन्नौर जिला के चोलिंग के निकट क्षतिग्रस्त पुल को 53 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर लिया गया है। इससे अब किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र और शिमला की ओर जाने वाले वाहन फर्राटे के साथ इस पुल से दौड़ने शुरू हो गए है। इसके अलावा रल्ली के निकट ग्लेशियर खिसकने के कारण एनएच-5 बंद हो गया था। जिसे दोनों ओर से मशीनरी लगा कर बहाल कर दिया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को सुबह नौ बजे के करीब उरनी ढांक की पहाड़ी से भारी खिसकने के कारण चोलिंग निकट सतलुज नदी पर बना बना क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे किन्नौर के ऊपरी क्षेत्र और स्पीति की ओर जाने वाले सभी वाहनों को बाया उरनी होते हुए जाना पड़ रहा था। शनिवार दोपहर साढे 12 बजे क्षतिग्रस्त पुल को दुरूस्त कर यातायात के लिऐ बहाल कर दिया गया है। पुल से आवाजाही बंद होने से लोगों को तीन मिनट में तय होना वाला सफर कई घंटों में करना पड़ रहा था। हालांकि आर्मी के इंजीनियर और एनएच प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया था। क्षेत्र में हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे जिस कारण पुल का मरम्मत कार्य बंद करना पड़ा था। शनिवार को बारिश और बर्फबारी रूकने के बाद सुबह आठ बजे फिर से पुल का मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सेना और एनएच प्राधिकरण ने साढे 12 बजे पुल का दुरूस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि बाया उरनी चोलिंग मार्ग उरनी आईटीआई के निकट भारी चट्टान खिसकने के कारण शुक्रवार देर रात बंद हो गया था। जिसे शुक्रवार देर रात कई घंटों की मशक्त के बाद को छोटे वाहनों लिए बहाल कर लिया गया था। लेकिन बड़े वाहन वहीं पर फंसे रहें। पता चला है कि उरनी संपर्क मार्ग आज शाम चार बजे तक बहाल हो सकता है।