Sunday, November 17, 2019 03:51 PM

चौथ माता मंदिर

राजस्थान के सवाई माधोपुर में स्थित चौथ माता का मंदिर सबसे प्राचीन और सुप्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना 1451 में राजा भीम सिंह ने की थी। चौथ माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु केवल राजस्थान से नहीं, बल्कि विदेशों से भी आते हैं। यहां करवा चौथ, भाद्रपद चौथ, माघ चौथ और लक्खी मेला पर लाखों श्रद्धालु आते हैं और माता के दर्शन करते हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन चौथ माता के मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। चौथ माता गौरी देवी का ही एक रूप हैं। मान्यता है कि करवा चौथ के दिन चौथ माता की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है और दांपत्य जीवन में भी सुख बढ़ता है। करवा चौथ पर देश-विदेश से कई विवाहित जोड़े यहां आते हैं और व्रत रखते हैं। यह मंदिर राजपूताना शैली में सफेद संगमरमर का बना हुआ है। इस मंदिर में चौथ माता के साथ भगवान गणेश और भैरवनाथ की मूर्ति भी विद्यमान है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 700 सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 1100 फुट है। हाड़ौती क्षेत्र के लोग हर शुभ कार्य से पहले चौथ माता को निमंत्रण देते हैं। माता में आस्था होने की वजह से बूंदी राजघराने  में आज तक इन्हें कुल देवी के रूप में पूजा जाता है।