Tuesday, March 31, 2020 07:07 PM

छितकुल-सांगला पर सफेद चादर

ताजा हिमपात के बाद किन्नौर जिला में पटरी से उतरा जनजीवन, रिकांगपिओ में एक फुट तक बर्फ, लिंक रोड  पर चट्टानें गिरने का खतरा

रिकांगपिओ -किन्नौर जिला में मंगलवार से जारी बर्फबारी बुधवार दिन तक जारी रहा। दो दिन की इस बर्फबारी से यहां का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। सड़क, बिजली व पानी को लेकर कई क्षेत्रों में लोगों को खासी असुविधा उठानी पड़ रही है। इस दौरान पर्यटन स्थल छितकुल से डेढ़ फीट के करीब ताजा बर्फ दर्ज किया गया। इसी तरह पर्यटन स्थल सांगला में एक फीट, रकछम डेढ़ फीट, कल्पा डेढ़ फीट, रोधी डेढ़ फीट व जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में एक फीट के करीब ताजा हिमपात दर्ज किया गया। मंगलवार दोपहर बाद पूरे जिला में बर्फबारी का दौर थम गया और हल्की धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। किन्नौर में हुए इस बर्फबारी के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 सहित संपर्क सड़क मार्गों पर पहाड़ो से चट्टान गिरने व भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है वहीं मंगलवार को किन्नौर के अधिकांश संपर्क सड़क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इसी तरह राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 भी दिन तक कई स्थानों पर अवरुद्ध रहा। मंगलवार देर शाम समाचार लिखे जाने तक भगत नाला, खारो सहित डेड सुंगरा के पास अवरुद मार्गोें को बहाल कर दिया गया। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में बारी ठंड के कारण लोगों के पेयजल लाइनों के जमाने से पेयजल की भी काफी अधिक समस्या देखी जा रही है। वहीं इस बारे में अधिशाषी अभियंता आईपीएच विभाग उदय बोद्ध ने बताया कि पांगी नाला के पास मैन सोर्स में ग्लेशियर आने के कारण आइपीएच विभाग का मैन सोर्स पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है इस लिए विभाग द्वारा नालजो नामक स्थान से पेयजल उपलब्ध करवा रही है। इस वर्ष सर्दियों में जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के आसपास के क्षेत्रों में विधुत आपूर्ति में काफी अधिक सुधार देखा गया। मंगलवार को किन्नौर जिला के कई दुर्घम क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में दिक्कते भी देखी गई।