Monday, October 21, 2019 07:40 AM

जनप्रतिनिधि कानून में बदलाव हो

- रूप सिंह नेगी, सोलन

उन्नाव दुष्कर्म एवं अन्य कांडों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का यह पूछना कि देश में क्या हो रहा है, वह शायद जग जाहिर है। भारत में आपराधिक छवि वालों को एमपी व एमएलए प्रत्याशी बनने से रोकने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानूनों में कोई प्रावधान नहीं है। गौरतलब है कि 2014 में आपराधिक छवि वाले 34 प्रतिशत प्रत्याशियों को मतदाताओं ने चुनकर संसद भेज दिया और 2019 में 43 प्रतिशत आपराधिक छवि वालों को चुनकर संसद भेजा गया है। हमें जनप्रतिनिधि कानूनों में संशोधन कर आपराधिक छवि वालों को प्रत्याशी बनने पर पाबंदी लगानी चाहिए।