जब सीएम ने की एक और गज़ल की गुज़ारिश

पीटरहॉफ में छोटे गुलाम अली ने मदहोश किए दर्शक; हम तेरे शहर में आए हैं, मुसाफिर की तरह पर नहीं रुकी तालियों की गड़गड़ाहट

शिमला - इंजीनियर्स-डे सेलिब्रेशन और कॉफी टेबल बुक के विमोचन के मौके पर गज़लों का भी खूब दौर चला।  इसके साथ हास्य कलाकार ने भी यहां प्रतिभा दिखाई। अहम बात यह रही कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी गज़लों के शौकीन लगे, जिन्होंने छोटे गुलाम अली से गुजारिश कर एक और गजल पेश करने को कहा। इस पर पूरा माहौल ही बदल गया। आलम यह था कि मुख्यमंत्री कुछ देर और गज़लें सुनना चाहते थे, मगर समय की बंदिश ने उन्हें रोक दिया। गुलाम अली साहब के मशहूर गीत हम तेरे शहर में आए हैं, मुसाफिर की तरह, से छोटे गुलाम अली कृष्ण कुमार ने खूब समां बांधा। उन्होंने एक के बाद एक तराने छेड़कर माहौल ही बदल दिया। यहां गज़लों का ऐसा दौर चला कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मदहोश दिखे। हमको किसके गम ने मारा, चुपके-चुपके आंसू बहाना याद है, जैसी यादगार गज़लों से उन्होंने खूब वाहवाही लूटी और मेहमानों ने उनका जमकर इस्तकबाल किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जब एक और गज़ल की गुजारिश की तो कृष्ण कुमार ने हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी सी जो पी ली है सुनाई, जिस पर उन्हें खासी तवज्जो मिली।

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