Tuesday, July 16, 2019 10:22 PM

जमटा में छात्रों ने किया चक्का जाम

नाहन—ओवरलोडिंग को लेकर सख्त प्रशासन के आगे बेबस एचआरटीसी को अब जनता का कोपभाजन बनना पड़ रहा है। जिला के भीतर लगभग एक सप्ताह से ऊपर समय से लगातार बसों में सवारियों को स्टेशनों पर न बिठाए जाने के चलते छात्र और कामकाजी यात्री अब लगातार प्रदर्शन कर चक्का जाम कर रहे हैं। इस दौरान नाहन, संगड़ाह, जमटा, पांवटा साहिब, सराहां इत्यादि क्षेत्रों में छात्र संगठन बीच सड़क में बसों को रोककर नारेबाजी और चक्का जाम कर रहे हैं। उधर, राजनीतिक संगठन भी अब इस व्यवस्था के विरुद्ध सरकार की बदइंतजामी को लेकर लगातार प्रहार करने से नहीं चूक रहे हैं। बुधवार को जिला के जमटा मंे छात्रों और यात्रियों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। जिला सिरमौर के परिवहन बेड़े में अभी तक जानकारी अनुसार 110 रूट संचालित हैं। वहीं 122 बसें निगम की जिला में उक्त रूटों पर संचालित हैं, जबकि जिला में 160 बसें 115 रूटों पर दौड़ रही हैं। बावजूद इसके बसों में ओवरलोडिंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। वहीं निगम के पास 50 ड्राइवर और 46 परिचालक डिपो में शार्ट चल रहे हैं, जिससे नाहन डिपो व्यवस्था बनाने मंे कामयाब नहीं हो पा रहा है। स्थान-स्थान पर बसों के स्टोपेज पर यात्री तैयार होकर घरों से गंतव्य को जाने के लिए आ रहे हैं, मगर फुल सीटिंग बसें रुक नहीं रही हैं, जिसके चलते यात्रियों में प्रतिदिन व्यवस्था के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। नतीजतन आए दिन चक्का जाम की स्थिति से परिवहन को गुजरना पड़ रहा है। चालक-परिचालक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुखराम ठाकुर ने बताया कि निगम की बसों में नाहन डिपो में ही अभी तक आधा दर्जन से अधिक चालान ओवरलोडिंग के हो चुके हैं, जबकि एक निगम के परिचालक के लाइसेंस को जब्त कर लिया गया है। उधर,अभी तक केवल सोशल मीडिया में ही 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत सवारियों को स्टैंडिंग मान्य होने की सूचना प्राप्त हो रही है। जिसके बाद यात्री इस प्रतिशतता का हवाला देकर भी बसें रोकने को कह रहे हैं, मगर अभी तक कोई भी लिखित आदेश निगम को कुल सीट के 15 से 25 प्रतिशत स्टैंडिंग सवारियों के नहीं मिले हैं। लिहाजा सीटिंग के बाद कोई भी निगम की बसंे बस स्टॉप पर नहीं रूक रही हैं। उधर, निजी बसों में ओवरलोडिंग को लेकर भी कार्रवाई न होने तथा निगम के साथ तुलना करने के चलते निगम को यात्रियों का कोपभाजन बनना पड़ रहा है।