Thursday, November 14, 2019 02:18 PM

जयंती मेले…पांच हजार नतमस्तक

मंदिर में पंच भीष्म मेलों का आगाज, पहले दिन मंदिर में खूब उमड़ी भक्तों की भीड़

कांगड़ा -जयंती माता मंदिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पंच भीष्म  मेले शुक्रवार से शुरू हो गए हैं। यह मेले 12 नवंबर तक चलेंगे। इस बार भी इन मेलों को लेकर मां के दरबार को खूबसूरत ढंग से सजाया गया है।  इन मेलों के दौरान पांच दीये मां के दरबार में पांच दिन तक अखंड जलेंगे। मेले के आज पहले दिन लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इस मौके पर पुलिस व स्थानीय प्रशासन भी मेलों के सफल बनाने के लिए लोगों को सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। मेलों के दौरान कांगड़ा ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से भी श्रद्धालु मां के दरबार पहुंच रहे हैं। कांगड़ा किले से ठीक सामने चोटी पर मौजूद माता जयंती के दरबार में इन मेलों में हजारों की संख्या में भक्त शीश नवाने आते हैं। जयंती माता को मां दुर्गा की छठी पूजा का एक रूप कहा जाता है कि कांगड़ा में माता का यह मंदिर द्वापर युग से बना हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां पर पांडवों का कुछ समय वास रहा है। महाभारत के युद्ध के समय युधिष्ठिर को मां जयंती देवी ने स्वप्न दिया था कि उनकी इस युद्ध में जीत होगी। मान्यता ये भी है कि जिन बहनों ने राखी वाले दिन किसी कारणवश अपने भाई को राखी न बांधी हो और भैयादूज पर अपने भाई को तिलक न लगा पाई हों, तो वे इन भीष्म पंचक मेलों में भाई के माथे पर तिलक लगाकर राखी बांध सकती हैं, वहीं जिन्होंने सारा साल कोई व्रत न रखा हो, वह इन पांच दिनों में व्रत धारण करके पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में भीष्म पंचकों के दिनों में भक्त लाखों की संख्या में यहां आते हैं। मेलों के दौरान लोगों द्वारा जगह लंगर आयोजित किए जा रहे हैं।