Tuesday, August 20, 2019 01:53 PM

’जय तू मां भारती, कोटि-कोटि है नमन‘ से बटोरीं तालियां

नाहन-स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन के अवसर पर कोली समाज की जिला इकाई ने नाहन में कवि सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें शहर के चुनिंदा कवियों को आमंत्रित किया गया। कवियों ने अपने शब्दों में जहां मां भारती को नमन किया, वहीं स्वतंत्रता दिवस पर होने वाली औपचारिकताओं को भी जमकर आड़े हाथ लिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कोली समाज के जिला प्रधान संजय पुंडीर ने की, जबकि महासचिव संदीपक तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे। कवि सम्मेलन का आगाज युवा कवियत्री रेखा चौहान ने बोली मां भारती, मुझे नहीं चाहिए पुष्प माला की झूठी शान, मुझे चाहिए बुद्धि, तर्क व ज्ञान, मुझे भी इंसान समझो, धर्म की गुलामी से निकालो बाहर कविता से अव्यवस्थाओं पर चोट कर वाहवाही लूटी। कवि श्रीकांत अकेला ने राष्ट्र भाव को नमन, मातृ भाव को नमन, जय तू मां भारती, कोटि कोटि है नमन, तरन्नुम ने मां भारती को नमन करते हुए कविता पढ़ी और दाद पाई। विद्रोही कवि पंकज तन्हा ने स्वतंत्रता दिवस का बंद करो ये आलाप, शहीदों का मत करो उपहास, कौन सी स्वतंत्रता है, किसे मना रहे हो, शर्म नहीं आती तुमको मेरा मखौल उड़ा रहे हो कविता से समाज में फैली अव्यवस्थाओं पर करारी चोट की। युवा शायर जावेद उल्फत ने खुशी में लोग कहां हमको इस शहर के मिले, जो आईने भी मिले तो आंख भरकर मिले। गजल के साए में महफूज होके जीते हैं, वगरना कान में अल्फाज भी नश्तर के मिले गजल से खूब तालियां बटोरी। कांति सूद ने रिमझिम सावन की फुहार, काली घटाओं की कतार, अनवरत बहते झरने की झंकार, याद उनकी दिला गए कविता से प्रशंसा बटोरी। इस मौके पर कवियों को समाज की ओर से राशि और गिफ्ट देकर पुरस्कृत भी किया गया। संगठन के महासचिव संदीपक तोमर ने इस कवि सम्मेलन को आयोजित करवाने के लिए देवकांत सिंह कोली व रेखा चौहान सहित संगठन का आभार प्रकट किया। प्रधान संजय पुंडीर ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करते रहने की बात कही। इस संगठन के जिला प्रधान संजय पुंडीर, महासचिव संदीपक तोमर, रामस्वरूप चौहान, मदन सिंह पंवार, जगदीश चंद, यशवंत सिंह पुंडीर, अतरी देवी, नागेंद्र सिंह, अशोक तोमर, देवकांत सिंह कोली, संदीपक, मनी राम पुंडीर, रेखा चौहान, आरएल वर्मा सहित भारी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।