Monday, July 22, 2019 12:25 AM

जर्जर हालत में रामपुर बस स्टैंड

रामपुर बुशहर—10 करोड़ की लागत से बना रामपुर बस स्टैंड बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आलम ये है कि मात्र सात वर्षों में बस स्टैंड की इमारत जर्जर हालत में पहुंच गई है। भवन की जर्जर हालत प्रशासनिक सिस्टम को कोस रही है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिस तरह से भवन की हालत खराब होती जा रही है अगर इस और जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो निश्चित तौर से अगले कुछ वर्षों में यह भवन गिरने के कगार पर पहुंच जाएगा। हैरान करने वाली बात ये है कि इस भवन का पिछला हिस्सा पूरी तरह से खंडहर बन चुका है। दीवारें टूट गई है। चारों और गंदगी का आलम है। वहीं भवन में लगी बिजली की तारें जगह-जगह से उखड़ी हुई है। जब भी बारिश आती है तो भवन का अधिकतर हिस्सा पानी से भर जाता है। ऐसे में यहां पर चली आ ही दिक्कतों को दूर करने वाला तो दूर सुनने वाला कोई नहीं है। वैसे तो सरकार ने बस स्टैंड के रख रखाव के लिए बस स्टैंड प्रबंधन कमेटी गठित की है, लेकिन ये कमेटी केवल कागजों में ही चल रही है। मौके पर इस कमेटी का कोई भी कार्य नहीं दिखता। पूरा मामला सरकार पर ही थोपा नहीं जा सकता। परिवहन विभाग भी इस बस स्टैंड की कोई सुध नहीं ले रहा। जबकि यहां से वह लाखों रुपए की कमाई जरूर कर रहा है। यहां तक कि बस स्टेंड के भीतर आने के लिए भी बसों, छोटे वाहनों से वसूली की जाती है, जबकि बस स्टैंड के भीतर दर्जनों दुकानें है। जिससे परिवहन विभाग किराया वसूल रहा है। यहां से होने वाली आमदनी का एक तिहाई हिस्सा भी परिवहन विभाग यहां पर नहीं लगा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर जर्जर होते जा रहे भवन की सुध कौन लेगा। लोगों का कहना है कि परिवहन निगम की लापरवाही से भवन की धरातल मंजिल खंडहर में तबदील होने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि इस भवन के दो मंजिल में खिड़की और दरवाजे तक टूटे है। वहीं दीवारों में जंगली झाडि़या उग चुकी है जो भवन को भारी नुकसान पहंुचा सकती है।