Sunday, May 09, 2021 06:56 PM

जल्द तैयार होगी मढ़ी-गधेरनी सड़क

कीटनाशकों की सबसिडी समाप्त करने के बाद अब 700 रुपए तक उर्वरकों की कीमत बढ़ाने का किया विरोध

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर खादों की कीमत में हुई इजाफे ने जिला कुल्लू के किसानों-बागबानों को टेंशन में डाल दिया है। कोरोना संक्रमण के संकट के बीच पहले से ही आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे घाटी कि किसानों-बागबानों को अब खाद के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। लिहाजा, किसानों-बागबानों ने बढ़ी हुई कीमतों पर नाराजगी जाहिर की है और सरकार से इस दिशा में मदद की आस जताई है। बता दें कि जिला में कृषि-बागबानी सीजन आरंभ हो चुका है और आने वाले दिनो में बड़े स्तर पर खाद की जरूरत किसानों-बागबानों को है, लेकिन इसी बीच कई खादों की कीमतें बढ़ गई हंै।

इससे पहले प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के नाम पर दवाइयों पर मिलने वाली सबसिडी को समाप्त कर दिया है और ये दवाइयां भी महंगी दरों पर अब मिल रही हैं। इफ्को ने जरूरी खादों की कीमत में छह से सात सौ रुपए तक की वृद्धि की है। जानकारी के अनुसार डीएपी खाद की कीमत 1200 से बढ़कर 1900 रुपए बैग, 10:26:26 खाद 1175 से 1775, 12:32:16 खाद 1185 से 1800 रूपए तथा 20:20:00:13 खाद 925 से बढ़कर 1350 रुपए प्रति बैग हो गई है। जिला कुल्लू के किसान बागबान संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार सरकार किसानों-बागबानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है और किसानों-बागबानों के हितों की सरकार कोई परवाह नहीं कर रही है। इनके अनुसार उर्वरको में एकाएक 700 रुपए की वृद्धि किसानों-बागबानों की आर्थिकी पर एक बड़ा प्रहार है। किसानों-बागबानों को पहले ही उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलता, ऊपर से उन्हें उर्वरको, कीटनाशकों, फफंूदनाशक व अन्य आवश्यक उपकरणों गत्ते के बक्से आदि महंगी दरों पर मिलने से किसान-बागबान कृषि के प्रति हतोत्साहित होंगे, जो चिंता का विषय है।

गर्मियों की पसंदीदा सैरगाह है पर्यटन नगरी, इस बार कोविड मापदंडों को पूरा करने पर ही होगी एंट्री

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

कोरोना की बंदिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली की ओर सैलानी उमड़ने लगे हैं। सरकार के नए निर्देशों के तहत होटल कारोबारी भी मेहमानों की आवभगत करने में जुट गए हैं। लिहाजा, आने वाले दो से तीन माह तक अगर कोरोना का खतरा ज्यादा नहीं बढ़ा तो सैलानियों की रौनक देखने को मिलगी। बता दें कि अप्रैल से जुलाई की गरमी से परेशान सैलानी राहत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली को भागे-भागे आते हैं। इन चार महीनों में जिला में आने वाले पर्यटकों की संख्या सर्दियों की तुलना में दोगुनी हो जाती है। सैलानी मनाली-रोहतांग-सोलंगनाला, मणिकर्ण-बरशैणी तथा बंजार-जलोड़ी के पर्यटन ठिकानों में इस दौरान रहते हैं और अगस्त-सितंबर में गर्मी कम होने के बाद वापस लौटना आरंभ करते हैं। जानकारों के अनुसार कुल्लू-मनाली देश-दुनिया के सैलानियों के लिए सबसे पसंदीदा सैरगाह बन गया है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में सैलानियों की संख्या में इजाफा होना आरंभ होता है और मई-जून साल का पीक सीजन रहता है।

साल के किसी भी माह में एक से दो लाख तक जिला में आने वाले सैनियों का आंकड़ा इन महीनों में चार लाख के पार हो जाता है।  पिछले दो सालों में केवल मई व जून केवल मात्र महीने रहे हैं, जब यहां आने वाले सैलानियों का आंकड़ा चार लाख के पार हुआ है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 से 2019 तक अप्रैल माह में जिला में 1752742 सैलानी, मई में 2131096, जून में 2299923 तथा जुलाई में 1791598 सैलानी आए हैं, जो अन्य माह में आए सैलानियों से 50 फीसदी तक ज्यादा हैं। हालांकि पिछले साल कोई भी सैलानी इस दौरान लॉकडाउन के कारण नहीं आ पाया था। गर्मियों में यहां पहुंच रहे पर्यटकों के कारण पर्यटन कारोबारी खूब चांदी कूटते हैं। जानकारी के अनुसार 2015 के बाद से शिमला भी कुल्लू के मुकाबले सैलानियों को आकर्षिक करने के मामले में पिछड़ता जा रहा है। 2018 में कुल्लू में शिमला के मुकाबले करीब तीन लाख ज्यादा सैलानी आए थे। पर्यटकों की लंबी लाइन के बाद जिला के कारोबारी इस बार भी ज्यादा सैलानियों के यहां पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा का कहना है कि सैलानियों के अनुसार सरकार ने कोविड मापदंड तय किए हैं और इनका पालन करते हुए सैलानी जिला में आ सकते हैं।

ब्यास-पार्वती-सैंज बेसिन की पहाडि़यों से छंटने लगी सफेदी, नदियों के जलस्तर में हो रहा इजाफा

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

इस साल अच्छी बर्फ को तरसे जिला कुल्लू के पार्वती-ब्यास और सैंज बेसिन के बर्फ क्षेत्र गर्मी की आहट से हौले-हौले पिघलने आरंभ हो गए हैं। मौसम में आई गर्माहट अपना रंग दिखाने लगी है, जिसका असर जिला के हिम क्षेत्रों पर दिख रहा है। लिहाजा सदानीरा ब्यास और पार्वती सहित सैंज नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने वाली है। बता दें कि सर्दियों में पहाड़ों पर हुए हिमपात ने यहां की नदियों के जलस्तर को भी निम्र स्तर पर पहुंचा दिया था। सबसे ज्यादा 36 ग्लेशियरों से घिरे पार्वती बेसिन के करीब 450 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, छह ग्लेशियरों से घिरे ब्यास के 15 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र और नौ ग्लेशियरों से घिरे सैंज बेसिन के 37 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में इस बार बर्फ अपेक्षाकृत कुछ कम पड़ी है और यह बर्फ अब पिघलने लगी है। बर्फ पिघलने के बाद इन चोटियों में लोगों का आवागमन भी होने लगा है। जानकारी के अनुससार पार्वती घाटी की मलाणा व खीरंगगा में बर्फ की चादर हट रही है और यहां पर सैलानी व अन्य लोग भी पहुंच रहे हैं। ग्लेशियोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार जिला में करीब 330 से अधिक हिम क्षेत्र हैं, जिनमें पार्वती बेसिन में सबसे ज्यादा 147 हिमक्षेत्र हैं, जिनका दायरा करीब 118 वर्ग किलोमीटर है तो ब्यास बेसिन में 47 और सैंज बेसिन में 59 हिमक्षेत्र हैं, जिनका दायरा 72 व 51 वर्ग किलोमीटर है।

जल जीवन मिशन में मनमानी पर लगेगी रोक; मिलेगा केवल आधा इंच पानी का कनेक्शन, अधिक पानी के लिए करनी होगी ज्यादा जेब ढीली

हीरा लाल ठाकुर — भुंतर आम लोगों को परेशानी में डालकर चहेतों को मनमाना वितरण करने वालों पर केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन की ब्रेक लग गई है। इस मिशन के तहत किसी भी व्यक्ति को मांगने के बाबजूद अलग-अलग साइज के कनेक्शन नहीं मिलेंगे। योजना के तहत केवल आधा इंच आकार का ही कनेक्शन मिलेगा और अगर किसी को ज्यादा पानी चाहिए तो उसे दो कनेक्शन लगाकर ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। लिहाजा, पानी का मनमाना वितरण अब जल्द ही बंद होने वाला है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब पंचायत स्तर पर एक्शन प्लान बनने के कारण इसका कार्यान्वयन व रखरखाव सुनिश्चित होगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर जल समितियों का गठन किया जा रहा है और इसकी प्रक्रिया इन दिनों पूरी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार हर घर के अलावा गांव के सभी संस्थानों, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, पंचायत घर को भी कनेक्शन मिलेगा तो पशुओं के पानी पीने के स्थानों में भी पानी की व्यवस्था करनी होगी। अधिकारियों की मानें तो नई पाइपलाइन बिछने के बाद सभी को एयरेटर नल का ही प्रयोग करना होगा, जिससे कम पानी की खपत हो, जो व्यक्ति इस प्रकार का नल नहीं लगाता है तो उस पर जुर्माना भी लग सकता है। इसके अतिरिक्त पांच लीटर प्रति मिनट पानी देने वाला टेंपर प्रूफ फ्लो कंट्रोल वाल्व का प्रयोग भी होगा, ताकि पानी का अधिक बहाव न हो सके। इसे डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन के साथ-साथ हर घर मे लगाना होगा, जिससे हर घर को समान रूप से पानी मिले। बता दें कि केंद्र सरकार की इस योजना के लिए कुल्लू सहित प्रदेश के सभी जिलों में कार्य

उपायुक्त पंकज राज बोले, लाहुल-स्पीति भवन मनाली में किया जाएगा कामगारों का कोरोना टेस्ट

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू उपायुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में कोविड -१९ को लेकर रविवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मेें निर्णय लिया गया कि लाहुल में स्थानीय लोगों अथवा ठेकेदारों द्वारा लाए जा रहे कामगारों के कोरोना टेस्ट लाहुल-स्पीति भवन व मनाली में किया जाएगा तथा बीआरओ के कामगारों के टेस्ट बाहंग में किए जाएंगे। लाहुल में स्थानीय लोगों के पास आ रहे कामगारों के कोरोना टेस्ट लाहुल-स्पीति भवन व मनाली में किया जाएगा, जिनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उनको एफकॉन भवन नार्थ पोर्टल में स्थानांतरित किया जाएगा, जो नेगिटिव होंगे उन्हें लाहुल आने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

उपायुक्त पंकज राय ने जानकारी दी कि जो भी स्थानीय लोग अथवा ठेकेदार बाहर से श्रमिकों को कार्य करने के लिए लाहुल लाना चाहते हैं, उन्हें संपर्क सूत्र १०७७ पर फोन करके इसकी सूचना देनी होगी, जहां से इनकी सूचना की पुष्टि संबंधित पंचायत प्रधान द्वारा की जाएगी। जहां ये श्रमिक कार्य के लिए लाए जाने हैं। इसके पश्चात इनके आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे,साथ ही बीआरओ के कामगारों के टेस्ट बाहंग में किए जाएंगे। जो लोग भी पोसिटिव होंगे उनकी व्यवस्था बीआरओ के द्वारा ही अपने स्तर पर की जाएगी।

शलीन में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का खुलासा, ३.६० करोड़ से होगा निर्माण

निजी संवाददाता — मनाली मढ़ी-गधेरनी सड़क का निर्माण जोरों पर है। तीन करोड़ ६० लाख की लागत से बन रही इस सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोग जनता लाभान्वित हो सके। यह बात शिक्षा कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने रविवार को मनाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शलीन में जनसुनवाई कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा मनाली विधानसभा क्षेत्र में अनेक सड़कों व पुलों का निर्माण कार्य या तो पूरा कर लिया गया है या फिर युद्ध स्तर पर जारी है। पनगां, सांगचर, रियाड़ा सड़क की टायरिंग का काम इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इस पर २२८ लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा पनगां शेगली कशेरी गलून १३ किलोमीटर सड़क को पक्का किया जा रहा है। इस सड़क मार्ग पर आठ करोड़ रुपए खर्च होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मनाली विधानसभा क्षेत्र के लिए नाबार्ड से हाल ही में डबल लेन की तीन सड़कों को मंजूरी मिली है। इसमें लोरन, सरली, खलाड़ा सड़क के लिए सवा तीन करोड़ रुपए, भट्ट ग्राम मोड़ से खड़ीहार तथा बसतोरी नथान शामिल हैं। उन्होंने शलीन सड़क को पक्का करने के लिए लोक निर्माण विभाग को दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरा लहर अधिक खतरनाक है लोगों को और अधिक सतर्क रहने व सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कुल्लू-मनाली की पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी पर्यटकों पर किसी प्रकार की बंदी से नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा वह है अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं तथा उनका समाधान भी प्राथमिकता के तौर पर किया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि गोविंद ठाकुर ने जनसुनवाई कार्यक्रम हर पंचायत में करने का निर्णय लिया है। धनेश्वरी ठाकुर ने केंद्र सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा जो लोग आयुष्मान योजना के दायरे में नहीं आते हुए हिम केयर योजना में अपने परिवार का पंजीकरण करें। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने महिलाओं को पेंशन के लिए आयु ७० वर्ष से घटाकर ६५ साल कर दी है। शलीन ग्राम पंचायत के प्रधान पलदन फुचोग ने सभी का स्वागत किया, जबकि उपप्रधान रतन चंद ने क्षेत्र में पिछले तीन साल में हुए विकास का ब्यौरा दिया। उन्होंने मंत्री के समक्ष ग्राम पंचायत की विभिन्न मांगे भी प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष दुर्गा सिंह ठाकुर, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी, महामंत्री ठाकुर दास व देवेंद्र ठाकुर जिला महामंत्री अखिलेश कपूर, होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मुकेश व भाजपा मंडल मनाली के उपाध्यक्ष पन्नालाल सहित पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि वह विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।