Sunday, November 17, 2019 04:11 PM

जल बोर्ड के हवाले होगा सीवरेज-पानी

मंडी - मंडी जिला के तीन नगर निकायों में पेयजल और सीवरेज का जिम्मा अब जल बोर्ड के हवाले होगा। तीन नगर निकायों में सीवरेज और पेयजल की सुविधा अब जल बोर्ड उपलब्ध करवाएगा। सरकार नगर परिषद मंडी, नगर परिषद नेरचौक और नगर परिषद सुंदरनगर में व्यवस्था बदलने जा रही है। इन तीनों नगर निकायों में पेयजल की आपूर्ति और सीवरेज की व्यवस्था आने वाले समय में आईपीएच विभाग की जगह जल बोर्ड देखेगा। शिमला नगर निगम की तर्ज पर सरकार ने इन तीनों नगर निकायों में भी जल बोर्ड की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस बाबत तीनों नगर निकाय हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित कर और एनओसी जारी कर सरकार को प्रस्ताव भेज चुके हैं। प्रदेश सरकार अगर यह निर्णय लेती है तो इन तीनों निकायों में पेयजल और सीवरेज की सुविधा और अधिक मजबूत होगी। इसके साथ ही नेरचौक नगर परिषद में सीवरेज निर्माण और मंडी शहर के लिए भी नई सीवरेज लाइन की योजना में भी तेजी से काम होगा। बता दें कि इस समय नगर परिषद मंडी और नगर परिषद सुंदरनगर में सीवरेज और पेयजल सुविधा की व्यवस्था आईपीएच विभाग ही देख रहा है। मंडी शहर के लिए आईपीएच विभाग ने 85 करोड़ खर्च कर ऊहल नदी से 24 घंटे शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की है। वहीं नेरचौक नगर परिषद में अभी सीवरेज निर्माण होना हैख् जिसके लिए नप 25 लाख रुपए आईपीएच के पास जमा करवा चुकी है, लेकिन अब तीनों नगर निकायों ने सरकार से ये दोनों अहम सुविधाएं जल बोर्ड के हाथों में देने का आग्रह किया है। बता दें कि जल बोर्ड शहरी विकास विभाग के तहत काम करेगा। जल बोर्ड में भी अधिकारी-कर्मचारी आईपीएच विभाग से ही नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उनके पास सिर्फ नगर निकायों की ही व्यवस्था देखने का जिम्मा होगा, जिससे लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी व शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई होगी। वहीं इसके साथ जल बोर्ड को सरकार से अलग ग्रांट भी मिलेगी। जल बोर्ड मंडी में अपना एक कार्यालय भी खोलेगा। नप मंडी के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि तीन निकायों ने इस बाबत एनओसी जारी कर सरकार को प्रस्ताव भेजा है। सरकार अगर निर्णय लेती है तो शीघ्र ही जल बोर्ड के हवाले पेयजल व सीवरेज व्यवस्था होगी।