Monday, September 23, 2019 02:14 AM

जामली में लैंडस्लाइडिंग मलबे में दबा एक व्यक्ति

स्वारघाट -चंडीगढ़-मनाली उच्च मार्ग 205 पर जामली के समीप स्लाइडिंग होने से कई गाडि़यों के मलबे में दबने की सूचना हैं। अभी तक एक पिकअप को स्लाइडिंग में फंसा देखा गया है और एक व्यक्ति की डेड बॉडी भी मिली है, लेकिन अभी इसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। सूचना मिलने के बाद  जिला बिलासपुर से रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हो गई, लेकिन चारों तरफ  से सड़कें बंद होने के कारण रेस्कयू टीम को मौके पर पहुंचने में काफी दिक्कतें पेश आई। बताया जा रहा है कि रेस्कयू टीम गोबिंदसागर झील में बोट के माध्यम से घटनास्थल पर पहुंची और एनएच पर फंसे 124 यात्रियों को जिला प्रशासन ने गोबिंदसागर झील के रास्ते मोटरबोट्स के जरिए बिलासपुर तक पहुंचाकर अपने अपने गंतव्यों के लिए रवाना होने में मदद की। यहां कितनी गाडि़यां मलबे में बही है, इसका कोई अंदाजा नहीं है, क्योंकि यहां बहुत ज्यादा मात्रा में स्लाइडिंग हुई है। भारी बारिश से कर्म सिंह निवासी गांव भुवाई की पशुशाला जमींदोज हो गई और दो भैंसे और तीन बकरियों का कोई पता नहीं चल पाया है। स्लाइडिंग से यहां साथ लगते अन्य मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। जामली में ओम प्रकाश की पशुशाला स्लाइडिंग की चपेट में आई है, जिससे पशुशाला में बंधे आधा दर्जन से अधिक पशु दबकर मर गए हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 चंडीगढ़-मनाली पर स्वारघाट के संतोषी माता मंदिर के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक पर रात करीब चार बजे मलबा व पेड़ गिरे। ट्रक ड्राइवर बुद्धि सिंह पुत्र बंशी राम ट्रक के अंदर ही सोया हुआ था, लेकिन गनीमत यह रही कि पत्थर ट्रक से टकराने की आवाज सुनकर वह बाहर निकल गया, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। नयनादेवी की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चिल्ट में भारी बारिश से मलबा और पेड़ स्कूल की छत पर गिर गए हैं। दुर्गा दास पुत्र निक्कू राम गांव धारभरथा के मकान के आगे से डंगा धंस गया है, जिससे मकान गिरने की कगार पर है। स्वारघाट के साथ लगते महादेव में करीब 600 मधुमक्खियों के डिब्बे पानी के साथ बह गए है, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 पर स्वारघाट से करीब पांच किलोमीटर दूर भूमक स्थान पर राममूर्ति व नरेंद्र कुमार निवासी गांव कुलाह के सड़क किनारे बनाए गए दो कमरे स्लाइडिंग और पानी आने से बह गए है। स्वारघाट पैट्रोल पंप के पास तीन टीननुमा दुकानें डंगा धंसने ढह गई।