Friday, October 18, 2019 11:49 AM

जिला-पंचायत स्तर पर बनाई जाएगी कार्यकारिणी

घुमारवीं - प्रदेश में किसानों के लिए आवारा पशुओं, जंगली जानवरों, बंदरों व सूअरों की इतनी बड़ी समस्या बन चुकी है कि फसल बचाना मुश्किल हो गया है, जबकि प्रदेश में 76 प्रतिशत से अधिक किसान खेतीबाड़ी पर निर्भर है। यह बात घुमारवीं में हिमाचल किसान एवं जनकल्याण सभा प्रदेश के राज्य स्तरीय मुख्य कार्यालय के उद्घाटन समारोह के मौके पर मुख्यातिथि सेवानिवृत्त आईएएस प्रशासनिक अधिकारी देवराज शर्मा ने कही। उन्होंने विधिवत रूप से पूजा व द्वीप प्रज्वलित कर सभा के कार्यलय का  शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर व व्यापारी समाज देश का अहम हिस्सा है। इस वर्ग का हमेशा राजनीति में प्रयोग किया गया। इनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई और उपेक्षा का शिकार हुए। पूर्व में रहे प्रशासनिक अधिकारी व अध्यक्ष देव राज शर्मा ने विधिवत रूप से सभा की सदस्यता भी ग्रहण की। सभा को चलाने के लिए 2100 रुपए सहयोग राशि भी दी गई। उन्होंने कहा कि सभा को चलाने के लिए जो भी मदद की जरूरत होगी, की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष बृज लाल शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि अब पूरे प्रदेश में जिला, तहसील व पंचायत  स्तर पर कार्यकारिणियों  का गठन किया जाएगा तथा सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच  वर्षों से चल रही ग्रामीण किसान एवं जनसंघर्ष समिति घुमारवीं का इस सभा में विलय कर दिया गया, जिसके 1500 सदस्य हैैं। सभा भविष्य में सभी किसानों, बागबानों, मजदूरों, दुकानदारों, गरीबों व आम जनता के जन कल्याण के लिए कार्य करेगी। इस मौके पर सोहन, बीडी, रणजीत, श्याम, लेख, रतन, राम, सीता राम, शिशु, अश्वनी,  सचिन, दलेल, लेख राम, भाग सिंह, रघुनाथ, हेमराज, मनोज, दलेल, नंद लाल, रमेश चंद, श्रवण राम, जगदीश, संत राम, नेक राम, बलदेव राज, मोहिंद्र, राजेंद्र, प्रसाद, रूप, जगदीश, मोहर,कुल्लू से लाल सिंह, सोलन से राजीव, राम नाथ, दौलत राम, धनी व जिला मंडी से रतन सहित अन्य उपस्थित थे।