Tuesday, May 21, 2019 06:52 AM

जीएसटी न भरने पर उद्योग पर संकट के बादल

गगरेट -औद्योगिक क्षेत्र गगरेट में स्थित एक उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मालिकाना हक को लेकर पहले ही विवाद में घिरे इस उद्योग पर अब वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान न करने पर स्टेट टैक्स एंड एक्साइज विभाग का चाबुक चल सकता है। बताया जा रहा है कि वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान दो करोड़ रुपए से भी ज्यादा का बनता है और समय पर रिटर्न न भरने के चलते स्टेट टैक्स एंड एक्साइज विभाग ने उक्त उद्योग को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन के भीतर जवाब दायर करने को कहा है। औद्योगिक क्षेत्र गगरेट में स्थित ब्लेड निर्माता उद्योग का विवादों के साथ चोली दामन का साथ रहा है। कभी शोघी में यह उद्योग स्थित था और वहां हुए गोलीकांड की गूंज पूरे प्रदेश में गूंजी थी। हालांकि उद्योग प्रबंधन द्वारा अपनी विस्तार योजनाओं के तहत उद्योग की यूनिट गगरेट में खोली थी। कई साल तक तक उक्त उद्योग ठीक काम करता रहा, लेकिन कुछ अरसा पहले इसके मालिकाना हक को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था और अब समय पर वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान न करने पर उद्योग पर संकट मंडराने लगा है। बताया जा रहा है कि उक्त उद्योग द्वारा वस्तु एवं सेवा कर के तहत मासिक रिटर्न ही नहीं भरी और अब जब स्टेट टैक्स एंड एक्साइज विभाग का नोटिस आया है तो उद्योग प्रबंधन के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो जुलाई 2017 से फरवरी 2019 तक जीएसटी रिटर्न ही फाइल नहीं की गई है। वस्तु एवं सेवा कर का जुर्माने के साथ अब भुगतान भी दो करोड़ रुपए से ज्यादा बन रहा है। अगर शीघ्र यह भुगतान न हुआ तो उद्योग पर तालाबंदी की नौबत भी आ सकती है और ऐसी स्थिति में उक्त उद्योग में कार्यरत सैकड़ों कामगार सड़क पर आ जाएंगे। उधर, स्टेट टैक्स एवं एक्साइज विभाग शिमला की उपायुक्त ताशी कटोच का कहना है कि उक्त उद्योग को विभाग द्वारा रिटर्न फाइल न करने पर नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।