Tuesday, February 18, 2020 06:50 PM

जे एंड के में कोई भी जाने को आजाद

अमित शाह बोले, घाटी में हालत पूरी तरह नॉर्मल

नई दिल्ली - अनुच्छेद 370 के चलते जम्मू कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को इतने लंबे समय तक नजरबंद किए जाने के सवाल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह स्थानीय प्रशासन का निर्णय है, इसमें भारत सरकार का कोई रोल नहीं है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह नॉर्मल है, वहां परिवार के साथ जाया जा सकता है। जो चाहें वो जा सकते हैं। यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी वहां से होकर आए हैं। अमित शाह ने कहा कि एनपीआर को लेकर कांग्रेस गलत प्रचार कर रही है। इसमें कागजात दिखाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। सीएए के समर्थन में विरोध करने वालों से 20 गुणा से ज्यादा लोग हैं। सीएए के समर्थन में देशभर में दो-दो लाख लोग एकत्र हुए हैं।

सीएए पर कोई भी आए, तीन दिन में दूंगा समय

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि जिस किसी को भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर आपत्ति है, वह उससे बात करने के लिए तैयार हैं। शाह ने कहा कि आने वाले लोगों को तीन दिन के भीतर समय दिया जाएगा। सीएए के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर शाह ने कहा कि इसमें यह भी देखना जरूरी है कि ये प्रदर्शन किनके द्वारा और किस स्तर पर हो रहा है। मुझे आज तक कोई ऐसा इनसान नहीं मिला जो समझा सके कि सीएए के किस प्रावधान के तहत उन्हें यह एंट्री मुस्लिम लगता है। यह विरोध केवल बीजेपी के नाम पर विरोध हो रहा है। अंदेशा के नाम पर आंदोलन नहीं होता है, जब एनआरसी आएगा तब इन्हें विरोध करना चाहिए था। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि पिछली कांग्रेस और जनता पार्टी की सरकारों ने हिंदूओं और सिखों को लांग टर्म वीजा दे चुकी है। इसकी शुरुआत 30 मार्च, 1964 से ही शुरू हो चुकी थी, तब बीजेपी सत्ता में नहीं थी। यही काम कांग्रेस करती है तो वह सेक्युलर और बीजेपी कानून बनाती है तो गलत हो जाती है।