Friday, September 24, 2021 05:58 AM

झनियारा में वैक्सीनेशन को लेकर बवाल

टोकन मिलने के बाद भी टीका लगवाने से वंचित रह गए लोग, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

स्टाफ रिपोर्टर—हमीरपुर कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर गलोड़, बड़सर के बाद अब झनियारा में शुक्रवार के दिन बवाल मच गया। वैक्सीनेशन के लिए टोकन लेने के बावजूद भी लोगों को कोरोना टीकाकरण नहीं हो पाया। टोकन प्राप्त करने के बाद कई लोग अपने बारी का इंतजार करते रहे तथा निर्धारित 150 लोगों को वैक्सीन का टारगेट पूरा हो गया। ऐसे में लोगों के होश फाख्ता हो गए कि जब उन्हें टोकन मिल गए हैं तो 150 को टीकाकरण कैसे हो गया। आखिर कौन उनके स्थान पर वैक्सीन लगवा गया। पहले लोग कोविड टेस्ट के लिए लाइनों में लगे रहे तथा बाद में टीकाकरण के लिए लाइनों में लगना पड़ा।

बावजूद इसके उनका नंबर नहीं आने लोगों ने खुलकर विरोध जताया तथा व्यवस्थाओं पर प्रश्चिन्ह खड़ा कर दिया। जिन लोगों को वैक्सीनेशन नहीं हो पाई उनका कहना था कि टोकन प्राप्त करने के बाद भी उन्हें क्यों टीकाकरण नहीं हो पाया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की पुख्ता व्यवस्थाओं के दावों की पोल खुल गई। बता दें कि शुक्रवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र झनियारा में कोविड वैक्सीनेशन हुई। यहां पर 150 लोगों को वैक्सीन लगनी तय थी। सुबह से ही लोग वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र पर जुटना शुरू हो गए। पहले 150 लोगों के कोविड टेस्ट हुए तथा बाद में इन्हें वैक्सीनेशन के लिए टोकन दिए गए। टोकन प्राप्त करने के बाद लोग अपनी बारी का इंतजार करने लगे। उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पता चला कि 150 को वैक्सीन पूरी हो गई है। ऐसे में उन लोगों के होश उड़ गए जोटोकन लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया कि वैक्सीन आखिर लगी तो लगी किसे। कहीं ऐसा तो नहीं की चहेतों को लाभ पहुंचाते हुए वैक्सीन लगा दी गई हो। टोकन लेने के उपरांत भी जो लोग वैक्सीन से वंचित रहे उन्होंने व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। टोकन नंबर 138 सुमन कुमारी का कहना है कि वैक्सीनेशन के लिए उनका नंबर आया ही नहीं। इसके साथ ही अन्य लोगों ने भी इस संदर्भ में अपना विरोध जताया। इनका भी यही कहना था कि टोकन मिलने के बाद भी इन्हें वैक्सीनेशन नहीं हो पाई है।

अगर टोकन मिलने के बाद भी वैक्सीन नहीं लग पाई तो यह गंभीर विषय है। ऐसा क्यों हुआ इसकी जांच की जाएगी। भविष्य में ऐसा न हो इसे लेकर पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। डा. केके शर्मा, बीएमओ टौणीदेवी