Tuesday, October 15, 2019 03:28 PM

टकेड़-घरेड़ पेयजल योजना बुझाएगी प्यास

योजना का कार्य पूरा; जल्द होगी जनता को समर्पित, हजारों की आबादी को मिलेगा लाभ

नालागढ़-नालागढ़ उपमंडल के पहाड़ी क्षेत्र की हजारों की आबादी को अब पेयजल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा, वहीं गर्मियों के मौसम में पानी के लिए मारे-मारे नहीं भटकना पड़ेगा, क्योंकि आईपीएच विभाग ने नाबार्ड से स्वीकृत एक करोड़ 23 लाख 30 हजार की टकेड-घरेड़ पेयजल योजना का कार्य मुकम्मल हो चुका है और जल्द ही योजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी। योजना से सौर पंचायत की 14 बस्तियों के 2266 लोग लाभांन्वित होंगे। यह योजना 2033 की जनसंख्या के अनुरूप बनाई गई है, ताकि इन बस्तियों की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सके। जानकारी के अनुसार नालागढ़ उपमंडल के पहाड़ी क्षेत्रों के ग्रामीणों की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए आईपीएच नालागढ़ डिवीजन ने कई योजनाएं तैयार करके इसका खाका बनाया और नाबार्ड को स्वीकृति के लिए भेजा है।नालागढ़ उपमंडल की कई योजनाओं को नाबार्ड ने मंजूर किया है और इन्हीं में टकेड़-घरेड़ पेयजल योजना भी शामिल है। विभाग के मुताबिक यह उठाऊ पेयजल योजना है, जिसके तहत गंभर खड्ड से पानी लिफ्ट किया जाएगा, जिसकी प्रतिदिन क्षमता पांच लाख लीटर होगी, जो इन बस्तियों के लोगों के गले तर करेगी। इन बस्तियों में बोह, चिल्ला, चौरी, डोग, घड़याज, रवां, रिद्धि, घरेड़, लोहारी, रजवाह, सौर निचला, सौर उपरला, टकेड़ आदि बस्तियां शामिल है, जो इस पेयजल योजना से लाभ उठाएगी। यहां बता दें कि गर्मियों में इन बस्तियों को ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होना पड़ता था। गर्मियों के मौसम में जहां इन क्षेत्रों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मच जाती है, वहीं सर्दियों में भी पानी की किल्लत रहती है। क्षेत्र के लोगों को प्राकृतिक स्रोतों व अन्य विकल्पों पर बाध्य होना पड़ता था, लेकिन गर्मियों में प्राकृतिक जलस्रोत भी सूख जाते हंै, वहीं गर्मियों के मौसम में पानी का जलस्तर नीचे चले जाने के कारण लोगों को पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाती है, जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति से महरूम होना पड़ता है और उन्हें अन्य दूरदराज क्षेत्रों के प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर होकर रहना पड़ता है, जिससे उनके समय व कामकाज प्रभावित होता है। क्षेत्रों की पेयजल समस्या का मुद्दा पंचायतों, बीडीसी, जिला परिषदों की बैठकों में बार-बार उठता रहा है। इसी को देखते हुए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग नालागढ़ उपमंडल ने इस योजना को अमलीजामा पहनाकर यह योजना तैयार की और इसे स्वीकृति के लिए नाबार्ड को भेजा था। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग नालागढ़ मंडल के एक्सईएन आरके खावला  ने कहा कि टकेड़-घरेड़ पेयजल योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द ही योजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी ।