Monday, July 22, 2019 01:22 AM

टमाटर से लाल होने लगे किसानों के चेहरे

सोलन—लहसुन सीजन की सफलता के बाद टमाटर सीजन भी परवान चढ़ रहा है। सीजन के शुरूआती दिनों में ही टमाटर किसानों की उम्मीदों पर खरा उतर रहा है। लाल सोना के नाम से देशभर में विख्यात सोलन के टमाटर ने किसानों की तिजौरियां भरना आरंभ कर दिया है। इससे किसानों के चहरों पर रौनक लौट आई हैं। जानकारी के अनुसार फल एवं सब्जी मंडी सोलन में बुधवार तक 83 हजार से अधिक क्रेट टमाटर के पहुंच चुके थे। जबकि वर्ष 2018-19 में आठ लाख 76 हजार और वर्ष 2017-18 में 12 लाख 65 हजार क्रेट पहुंचे थे।  हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले इस बार सीजन कुछ देरी से शुरू हुआ है, लेकिन अब सीजन ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हिमसोना किस्म के टमाटर बुधवार को 650 रुपए प्रति क्रेट के  हिसाब से बिका। जो कि गत वर्ष के मुकाबले तीन गुणा अधिक है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में टमाटर के रेट अधिक बढ़ने की संभावना है। तर्क दिया जा रहा है कि बारिश के कारण इस वर्ष टमाटर के आकार एवं रंग काफी अच्छा है। इस कारण किसानों को रेट भी अच्छे मिल रहे है। दूसरी ओर गत वर्ष टमाटर बूरी तरह से पीट गया था। बमुश्किल प्रतिक्रेट 60 रुपए से 250 रुपए तक बिका था। इससे किसान अपनी लागत एवं मजदूरी का पैसा भी वसूल नहीं कर पाया था। इसका असर आढ़तियों पर भी पड़ा था। आढ़तियों को भी पूरे सीजन काफी नुकसान पहुंचा था। लेकिन इस दफा टमाटर की शुरुआत ही 250 रुपए से अधिक से हुई है। जो लगातार जारी है। सोलन के अलावा राजगढ़ क्षेत्र से इन दिनों टमाटर सोलन मंडी पहुंच रहा है। पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के व्यापारी सोलन मंडी पहुंच रहे हैं। लेकिन हिमसोना किस्म के टमाटर की सबसे ज्यादा डिमांड राजस्थान के कोटा से आ रही है। किसानों एवं किसान सभा की लंबे समय से चली आ रही डिमांड को कृषि उपज एवं मंडी समिति ने आखिर पूरी कर ली है। समिति ने 5 व 2 क्विंटल की दो इलेक्ट्रानिक मशीने खरीद ली है। इसे गेट के समीप ही स्थापित किया जा रहा है। अब जो किसान वजन के हिसाब से टमाटर एवं अन्य उत्पाद को बेचना चाहता है वह बेच सकता है।