Monday, June 01, 2020 02:21 AM

टीएमसी के नौ डाक्टरों समेत 27 कर्मचारी क्वारंटाइन में

एक हफ्ते से कोरोना पीडि़तों के इलाज में थे जुटे,  कांगड़ा के एक निजी होटल में रखे गए

शिमला - हिमाचल के कोरोना पीडि़तों का उपचार करने वाले नौ चिकित्सकों और 15 स्टाफ नर्सों को क्वारंटाइन में भेज दिया गया है। टांडा मेडिकल कालेज के इन कोरोना योद्धाओं सहित तीन सफाई कर्मचारियों को भी क्वारंटाइन कर दिया है। इन सभी 27 लोगों को कांगड़ा के एक निजी होटल में कड़ी निगरानी में रखा गया है। ये सभी पिछले एक सप्ताह से कोरोना पीडि़तों के उपचार में जुटे थे। इसी बीच हिमाचल के लिए राहत की खबर यह है कि कोरोना पीडि़तों के संपर्क में आए सभी 42 लोगों के टेस्ट कर लिए गए हैं। इन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद हिमाचल सरकार ने राहत की सांस ली है। बताते चलें कि कोरोना पीडि़त मृतक तिब्बती के परिवार के आठ लोगों के सैंपल लिए गए थे। इसके अलावा स्वस्थ हुए कोरोना पीडि़त लंज के युवक के परिजनों के आठ तथा शाहपुर की पीडि़त महिला के परिवार के पांच लोंगों के सैंपल लिए गए थे। तिब्बती के उपचार के लिए सीधे संपर्क में आए कांगड़ा अस्पताल के सात मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ के जांच के लिए नमूने लिए गए थे। इन कोरोना पीडि़तों के सीधे संपर्क में आए धर्मशाला अस्पताल के चार, टांडा के छह तथा इन्हें अस्पताल लाने वाले तीन लोगों और एक टैक्सी चालक के सैंपल लिए गए थे। प्रदेश में कोविड-19 के तहत सोमवार को भी टांडा मेडिकल कालेज में 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आईजीएमसी शिमला के तीन सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान ने बताया कि प्रदेश में कुल 3085 लोगों को निगरानी में रखा गया हैं। इनमें से 937 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है। अब तक प्रदेश में कुल 212 लोगों की कोविड-19 के प्रति जांच की जा चुकी है। सोमवार को प्रदेश में 10 लोगों के टांडा में कोविड-19 के प्रति जांच के नमूने लिए गए थे तथा सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है व शिमला में तीन लोगों के जांच के लिए नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि टांडा में दाखिल कोरोना पॉजिटिव एक मरीज को स्वस्थ होने के उपरांत अस्पताल से घर भेज दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यालय में टेलीमेडिसिन हब शुरू कर दिया गया है। इसमें मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, सायकेट्री के विशेषज्ञ दिन में दो शिफ्टों में टेली-परामर्श की सेवाएं प्रदान करेंगे। इस हब में टेली परामर्श लेने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से जोड़ा सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में एक एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत पहली अप्रैल, 2020 से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों के घर-द्वार जाकर कोविड-19 के लक्ष्णों के बारे में जानकारी प्राप्त करेगा। इस अभियान के तहत हर आशा गांव में दो लोगों की टीम घर-घर जाकर हर व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेगी एवं उसे गुगल फार्म के माध्यम से विभाग के साथ साझा करेगी। यह अभियान प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम के चार बजे तक चलेगा। इस अभियान के उपरांत, जो भी व्यक्ति संदिग्ध दायरे में आएंगे, उनकी दिशा-निर्देशों अनुसार जांच की जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी कोविड-19 प्रभावित देश व प्रदेश से आया है तो वह कम से कम 14 दिन के लिए गृह निगरानी पर ही रहे एवं दूसरे लोगों से या घर परिवार, रिश्तेदारों व दोस्तों से मिलने से बचे।

हिमाचल को राहत

* पीडि़तों के संपर्क में आए सभी 42 लोगों में वायरस नहीं

* सोमवार को किए दस टेस्टों की रिपोर्ट नेगेटिव, तीन की रिपोर्ट आना बाकी

* टीएमसी में स्वस्थ हो चुके लंज के कोरोना मरीज को दी गई छुट्टी

सभी बुजुर्गों के लिए जारी की गई सलाह

सोमवार को सभी जिलों में बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत 60 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों से अनुरोध किया है कि वे घर पर ही रहें व घर में आगंतुकों को मिलने से बचें। यदि मिलना आवश्यक हो तो उचित दूरी बनाए रखें। ऐसे व्यक्ति अपनी दैनिक निर्धारित दवाइयां नियमित रूप से लें । डाक्टर से कोई सलाह लेनी हो तो फोन पर ही लें व अस्पताल आने से बचें। अपने आप को सकारात्मक रखने के लिए अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ फोन पर, वीडियो कॉल से संपर्क बनाकर रखें। शरीर को रखने के लिए घर पर ही प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम करते रहें।

कर्फ्यू उल्लंघन के 14 मामले, 15 गिरफ्तार

शिमल - हिमाचल में कोरोना की रोकथाम के लिए लगाए गए कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस कड़ा शिकंजा कस रही है। राज्य में कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ  सोमवार को 14 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने 14 वाहनों को जब्त कर उनसे 3600 रुपए बतौर जुर्माना राशि वसूल की है। पूरे प्रदेश में पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी है। राज्य में न किसी को घुसने दिया जा रहा है और न ही किसी को बाहर जाने दिया जा रहा है। सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में पुलिस पार्टियोंं ने जगह-जगह नाके लगाए लगाए जा रहे हैं। पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता खुशहाल शर्मा ने बताया कि कर्फ्यू के उल्लंघन पए जाने पर सोमवार को 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई  है, वहीं 15 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की हिदायत के अनुसार पूरे राज्य में ही आगामी आदेशों तक मुकम्मल कर्फ्यू है। कर्फ्यू की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई होगी।