टीएमसी देश के शीर्ष मेडिकल कालेजों में शुमार

उत्तर भारत में हासिल किया पहला स्थान, देशभर में 32वें पायदान पर बनाई जगह

कांगड़ा  – इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा देश के बेस्ट मेडिकल कालेजों के लिए किए गए सर्वे में डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा ने अपनी रैकिंग तीन स्थान सुधारते हुए शीर्ष मेडिकल कालेजों में स्थान बना लिया है। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी मेडिकल कालेजों में टीएमसी 32वें स्थान पर रहा है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में टीएमसी ने राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। यहां बता दें कि पिछले साल टांडा कालेज देशभर में 35वें स्थान पर था और इस साल 32वां स्थान हासिल कर नया मुकाम हासिल किया है। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डा. भानु अवस्थी ने इसकी पुष्टि की है। डा. भानु ने बताया कि नई दिल्ली को छोड़कर उत्तर भारत में संचालित सभी मेडिकल कालेजों में टांडा मेडिकल कालेज पहले स्थान पर आया है। प्रधानाचार्य डा. भानु ने कहा कि इंडिया टुडे गु्रप का सर्वेक्षण राज्य और देश भर में कालेजों की प्रगति का सबसे प्रामाणिक प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष मेडिकल कालेजों में आना वास्तव में हमारी संस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हिमाचल प्रदेश सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता के कारण ही अब हमारी संस्था देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में से एक है। देशभर में 32वां स्थान हासिल करने पर  प्रो. भानु अवस्थी ने फेकलिटी, छात्रों और स्टॉफ को उनके समर्पण और काम की नैतिकता के लिए बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए संस्थागत रैंकिंग समिति के अध्यक्ष और हेड कम्युनिटी मेडिसिन डा. सुनील रैना और सहायक प्रोफेसर कम्युनिटी चिकित्सा डा. रमन चौहान, जिन्होंने सर्वेक्षण की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास किया, उनकी भी खूब प्रशंसा की। डा. भानु ने कहा कि हमारी संस्था का इतिहास 28 अक्तूबर, 1952 का है। जब पंजाब के राज्यपाल चंदूलाल त्रिवेदी ने यहां एक टीबी सेनेटोरियम की आधारशिला रखी। टीबी सेनेटोरियम का उद्घाटन 21 मई, 1958 को भारत के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। उस समय 200 बिस्तर वाला अस्पताल कांगड़ा के लोगों को राय बहादुर द्वारा उपहार स्वरूप मिला था। धर्मशाला में अस्पताल की सुविधा के साथ 25 फरवरी, 1997 को टीबी सेनेटोरियम को मेडिकल कालेज में बदल दिया गया था। डा. भानु ने बताया कि नया अस्पताल तीन अक्तूबर, 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल द्वारा जनता को समर्पित किया गया था। कालेज को 24 फरवरी, 2005 को एमसीआई द्वारा अनंतिम रूप से मान्यता दी गई थी और जनवरी 2010 में स्थायी मान्यता प्राप्त हुई थी। बहरहाल लगातार नए आयामों को छू रहे टांडा मेडिकल कालेज और यहां हो रही प्रगति काफी सराहनीय है।

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