Tuesday, July 16, 2019 09:55 PM

टीबी कंट्रोल में हिमाचल देश में नंबर-वन

गुजरात को पछाड़ा, केंद्रीय मंत्रालय ने दूसरे राज्यों को दी प्रदेश से सीख लेने की सलाह

शिमला —टीबी नियंत्रण में गुजरात को पछाड़ कर हिमाचल प्रदेश नंबर वन राज्य बन गया है। टीबी रोगियों को ढूंढ कर उपचार में हिमाचल के आंकड़े अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ऊपर हैं। इसके चलते केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हिमाचल के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को पहाड़ी प्रदेश से सीख लेने को कहा है। केंद्रीय मंत्रालय ने वर्ष 2016-17 की तुलनात्मक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल ने टीबी रोग की नोटिफिकेशन को लेकर गजब के प्रयास किए हैं। वर्ष 2016 में हिमाचल में एक लाख लोगों के मुकाबले 207 तथा गुजरात में 224 टीबी रोगी अस्पतालों में पंजीकृत थे। अगले वर्ष 2017 में हिमाचल में टीबी के पंजीकृत रोगियों की संख्या 226 पहुंच गई और गुजरात का आंकड़ा 193 पर सिमट गया।  खास है कि पंजीकृत हुए टीबी रोगी व्यस्क हैं। इसके चलते केंद्रीय मंत्रालय ने माना है कि पंजीकृत टीबी रोगियों को विशेष अभियान के तहत हिमाचल सरकार ने ढूंढ कर निकाला है। मंत्रालय की रिपोर्ट में तीसरा स्थान मध्य प्रदेश तथा चौथा आंध्रा प्रदेश का है।  इसके बाद पांचवें नंबर पर महाराष्ट्र और छठे स्थान पर उड़ीसा है। टीबी रोगियों के पंजीकरण मामले में सातवें स्थान पर पंजाब तथा आठवें पर उत्तराखंड है। इसी तरह छत्तीसगढ़ नौंवें, हरियाणा दसवें, उत्तर प्रदेश 11वें, राजस्थान 12वें, कर्नाटक 13वें, आसाम 14वें, तमिलनाडू 15वें, झारखंड 16वें, तेलंगाना 17वें,, वेस्ट बंगाल 18वें, बिहार 19वें, जम्मू-कश्मीर 20वें तथा केरल 21वें स्थान पर है।